घाटी में बाढ़ के बाद बीमारियों के पनपने की दहशत लोगों पर साफ दिख रही है। लोग छोटी सी बीमारी के लक्षण मिलने पर भी चिकित्सा कैंपों का रुख कर रहे हैं।
चिकित्सा कैंपों की प्राथमिकता घायल लोगों को तत्काल इलाज देना है लेकिन पिछले कुछ दिनों से इन कैंपों में मरीज शरीर पर खारिश, छाती में हलका संक्रमण और डायरिया की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
रामबाग क्षेत्र के मेडिकल कैंप में कार्यरत डा. शब्बीर अहमद ने बताया कि कैंपों में पहुंच रहे लोगों को हरसंभव चिकित्सा सुविधाएं मुहैया करवाई जा रही हैं।
उनके अनुसार प्रतिदिन कैंप में करीब 1600 मरीज पहुंच रहे हैं लेकिन इनमें 90 फीसदी लोगों में मामूली बीमारी के लक्षण पाए गए हैं। बाढ़ के बाद बीमारियों को लेकर लोगों में दहशत बढ़ी है।
कैंप के एक अन्य फिजिशियन डा. तौसीफ डार ने कहा कि बाढ़ के बाद मौजूदा वातावरण में बच्चों की सेहत पर ध्यान देने की ज्यादा जरूरत है।
शारीरिक रूप से कमजोर होने के कारण बच्चे और बुजुर्ग संक्रमित रोगों की चपेट में जल्दी आते हैं। घाटी के विभिन्न स्थानों पर बाढ़ पीड़ितों के लिए विभिन्न चिकित्सा केंद्र स्थापित किए गए हैं।