मुठभेड़ के दौरान रविवार को दो नागरिकों की मौत से उत्पन्न तनाव के मद्देनजर कुलगाम और शोपियां जिले में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रहीं। घाटी के सभी संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी ताकि किसी भी स्थिति से निपटा जा सके। इस बीच श्रीनगर के ईदगाह, सोवरा, बारामुला के नारबल के अलावा अन्य कई जगहों से सुरक्षा बलों से झड़पों की खबरें हैं।
सभी अलगाववादी नेताओं को नजरबंद कर रखा गया था। तनाव के बावजूद श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही सुचारु रही। दो नागरिकों की मौत के विरोध में अलगाववादियों के बंद के आह्वान का घाटी में असर दिखा। लगभग सभी जिलों में बंद से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। दुकानें और कारोबारी इदारे बंद रहे।
सड़कों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट गायब रहा और सरकारी दफ्तरों में भी हाजिरी कम रही। गौरतलब है कि रविवार को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में कुलगाम जिले में 4 आतंकी मारे गए थे और 2 सेना के जवान शहीद हुए थे। मुठभेड़ के दौरान एक स्थानीय की मौत भी हुई जबकि एक अन्य स्थानीय नागरिक प्रदर्शन के दौरान मारा गया था। तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हुए थे। अलगाववादियों द्वारा 15 फरवरी को कुलगाम चलो की भी कॉल दी गई है।