पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रूबिया सईद के अपहरण मामले के मुख्य आरोपी यासीन मलिक को टाडा कोर्ट ने शारीरिक रूप से जिरह करने की मंजूरी दे दी है। यासीन को 20 अक्तूबर को जिरह करने के लिए तिहाड़ जेल से जम्मू लाया जाएगा। हालांकि मलिक ने सरकारी वकील लेने से मना करते हुए कहा कि वह गवाहों से सवाल-जवाब खुद करेगा और अपना पक्ष खुद रखेगा।
1989 में घर लौटते वक्त रूबिया का अपहरण कर लिया गया था। इसके बदले यासीन के संगठन ने पांच आतंकियों को छोड़ने की मांग रखी। सरकार ने इस मांग को मानते हुए पांचों आतंकियों को छोड़ दिया था, लेकिन इसके बाद इस मामले की जांच शुरू की गई और जांच सीबीआई को सौंपी गई।
सीबीआई ने जांच करने के बाद आरोपपत्र दायर किया। अब मामला टाडा कोर्ट में है। यासीन मलिक पर एयरफोर्स के पांच अफसरों की हत्या का केस भी दर्ज है। यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की विशेष अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई थी।