कठुआ पहुंचे सर संघ चालक मोहन भागवत
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कठुआ में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि सबके लिए जिसमें जगह है, जो सभी की पूजा पद्धतियों को स्वीकार करता है वही हिंदू है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दुनिया दुर्बल को नहीं मानती इसलिए हमें शक्तिशाली बनना है। उन्होंने आगे कहा कि भारत के दुनिया के राष्ट्रों को सुख शांति का मार्ग दिखाएगा। उन्होंने स्वयंसेवकों से अनुशासन को दृढ़ता से पालन करने के लिए भी कहा।
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत तीन दिवसीय दौरे पर जम्मू आए। तीसरे दिन शारदीय नवरात्रि के पहले दिन सुबह जम्मू में उन्होंने माता बावे वाली के दरबार में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने लोगों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद दोपहर में वह कठुआ के लिए रवाना हो गए। कठुआ शहर के मुखर्जी चौक पर उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। इसके साथ ही भारत मां की मूर्ति का अनावरण करने का भी कार्यक्रम है।
इससे पहले शनिवार को एक कार्यक्रम में संघ स्वयंसेवकों से पर्यावरण की सुरक्षा, सामाजिक सद्भाव और भारत की पारंपरिक परिवार प्रणाली को मजबूत करने पर जोर दिया। डॉ. भागवत ने कहा कि संगठनात्मक नेटवर्क को और अधिक फैलाया जाए। इसके साथ आरएसएस के संदेश को हर घर तक पहुंचाया जाए।
डॉ. भागवत ने संघ परिवार से जुड़े संगठनों के साथ समन्वय बैठकों के साथ शाखा कार्यकर्ताओं के साथ चर्चा की। अंबफला स्थित जम्मू-कश्मीर प्रांत के संघ मुख्यालय केशव भवन में शनिवार सुबह से दोपहर तक चली समन्वय बैठकों में संघ परिवार के 38 संगठनों के 105 स्वयंसेवक शामिल हुए।
इसमें सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की गई। डॉ. भागवत ने विशेष रूप से आरएसएस की स्थापना के शताब्दी समारोह (100वें वर्ष) से पहले संगठन का विस्तार करने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा।