आरएस पुरा। ग्रामीण क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों में कपड़े बेचने वाले (फेरीवाले) रोज आ रहे हैं। इससे स्कूल में पढ़ाई करने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। अभिभावकों का कहना है कि इससे पहले भी कपड़े बेचने वालों को स्कूल में कपड़े बेचते देखा गया है। उन्होंने शिक्षा विभाग से गुहार लगाई है कि स्कूल में इस तरह के कपड़े बेचने वालों की आवाजाही पर रोक लगाई जाए ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
कस्बे के जीत राज का कहना है कि आरएस पुरा प्रशासन को सरकारी स्कूलों व अन्य कार्यालयों में जाकर मौका देखना चाहिए।
मनदेव सिंह का कहना है कि सरकारी स्कूलों में अधिक पढ़े लिखे शिक्षक होने पर बच्चों के अभिवाक अपने बच्चों को गैर सरकारी स्कूलाें में ही शिक्षा दिलवाना बेहतर समझते है। सरकारी स्कूलों में न तो शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारी ध्यान दे रहे और न ही स्थानीय प्रशासन। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलो में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चो की अनदेखी की जा रही है। ऐसे में शिक्षा विभाग को उचित कदम उठाने चाहिए।
कस्बे के जोगिंदर कुमार का कहना है कि जिस प्रकार स्कूल में शिक्षक खरीदारी करते हुए पाए गए न जाने कितने स्कूलों में ऐसा कारोबार चल रहा होगा। उन्होंने कहा कि इस ओर प्रशासन का ध्यान देना चाहिए।