पाक फायरिंग के पीड़ित ग्रामीणों के लिए कालेज कांप्लेक्स को न खोलने के मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने आईटीआई आरएस पुरा की सुपरिंटेंडेंट रुचिका को निलंबित कर दिया है।
इस मामले में सहायक आयुक्त (जी) जम्मू शहनाज चौधरी को जांच अधिकारी बनाया गया है। जांच पूरी न होने तक सुपरिंटेंडेंट को एसडीएम आरएस पुरा के साथ अटैच किया गया है।
डीसी जम्मू के अनुसार एसडीएम आरएस पुरा ने सीमा पार से पाक फायरिंग के दौरान गत दिवस पीड़ित ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए आईटीआई आरएस पुरा की सुपरिंटेंडेंट को तत्काल कालेज कांप्लेक्स खोलने के लिए टेलीफोन पर आदेश दिए।
इस आदेश को अधिकारी ने गंभीरता से नहीं लिया और कांप्लेक्स को बंद रखा, जिससे ग्रामीणों को समय रहते ठहरने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाया।
प्रभावित इलाकों के लिए बिशेष निर्देश
सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही फायरिंग के चलते प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। डिवीजनल कमिश्नर शांतमनु ने शनिवार को उच्चस्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसमें फायरिंग के संबंध चर्चा की गई है तथा सभी इलाकों में स्थिति की जानकारी हासिल की गई है।
इसके साथ ही उन्होंने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को बिजली, पानी, राशन आदि की बराबर सप्लाई देने के निर्देश दिए हैं। मीटिंग में आईजीपी जम्मू राजेश कुमार, बीएसएफ के आईजी राकेश शर्मा, बीएसएफ के डीआईजी एनएस जम्वाल तथा इंटेलिजेंस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। डिवकॉम ने बीएसएफ के अधिकारियों से फायरिंग के इनपुट लिए।
बारह दिन से सीमावर्ती इलाकों में फायरिंग जारी
इसके साथ ही स्थिति को नियंत्रण करने के लिए क्या किया जा रहा है। संबंधी बारीकी से पूछा है। बैठक में इस बात पर भी गंभीरता के साथ बातचीत हुई कि पिछले बारह दिन से सीमावर्ती इलाकों में फायरिंग जारी है, जिसके कारण लोगों में दहशत का माहौल बन रहा है और लोग पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
इस दौरान डीसी ने प्रभावित इलाकों को दौरा करने की जानकारी दी है, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने कई गांवों, क्षतिग्रस्त इमारतों, स्कूल, अस्पताल आदि को देखा है। उनकी सभी की रिपोर्ट डिवकॉम के सामने रखी गई है। सभी बातों पर चर्चा करने के बाद वहां के लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया करवाने के निर्देश दिए गए हैं।