जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में कटड़ा बेस कैंप पर वैष्णो देवी श्राइन तक जाने वाले ट्रैक रूट पर प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ बुधवार को हुए विरोध प्रदर्शन में दो प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार मंगलवार को कटड़ा में हुए हिंसक प्रदर्शनों के बाद आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया था।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व भूपिंदर सिंह और सोहन चंद कर रहे थे, जिन्होंने प्रस्तावित रोपवे परियोजना के खिलाफ कटड़ा में रैली निकाली। हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक लिया जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ। पुलिस ने भूपिंदर सिंह और सोहन चंद को हिरासत में लिया और उन्हें पुलिस वाहन से घटनास्थल से दूर ले जाया गया।
उधमपुर के डीआईजी (रियासी रेंज) रईस भट ने कहा कि हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी गिरफ्तार नहीं किए गए हैं। यह प्रदर्शन सोमवार को हुए संघर्ष के बाद हुआ, जिसमें पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्यूटी पर थी।
एफआईआर में कहा गया कि प्रदर्शनकारियों ने फाउंटेन चौक, कटड़ा में गलत तरीके से सड़क ब्लॉक कर दी थी, जिससे यात्री आवाजाही में रुकावट आई थी। पुलिस के अनुसार, भूपिंदर सिंह, सोहन चंद और अन्य ने पुलिस दल पर हमला किया, जिसमें पुलिसकर्मियों को लाठियों, पत्थरों और अन्य हथियारों से चोटें आईं।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों की वर्दी भी फाड़ दी और कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक और तीर्थयात्रियों पर पत्थरबाजी भी की जिससे उनकी जान को खतरा था। प्रदर्शन तब समाप्त हुआ जब जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि विभिन्न पक्षों, विशेष रूप से श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी ताकि उनकी चिंताओं का समाधान किया जा सके। जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोमवार को कहा था कि रोपवे परियोजना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों की वास्तविक चिंताओं को संबोधित किया जाएगा।
प्रदर्शन की समाप्ति के बाद, रियासी के उप जिला कलेक्टर विषेश पॉल महाजन और प्रदर्शन नेता भूपिंदर सिंह ने संयुक्त रूप से हड़ताल की समाप्ति की घोषणा की। महाजन ने कहा मैंने भूपिंदर से बातचीत की है और हम आपके मुद्दों को जानते हैं। भूपिंदर ने 15 दिसंबर तक सभी पक्षों से वार्ता करने का समय दिया है।