मच्छीपाल इलाके में एक मेटाडोर के नदी में गिरने से छह लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। घायलों को सेना, पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से जीएमसी डोडा पहुंचाया गया है। तीन की हालत गंभीर होने पर वायुसेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर राजकीय मेडिकल कालेज (जीएमसी) जम्मू लाया गया है।
ठाठरी-गंदोह संपर्क मार्ग पर ठाठरी से चिल्ली की ओर जा रही मेटाडोर (जेके 06ए-6733) काहरा मच्छीपाल इलाके में सोमवार दोपहर को अनियंत्रित हो कर दुनदी नदी में जा गिरी। हाइसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना पर स्थानीय लोगों, अबाबील संस्था के सदस्यों, पुलिस, सेना और एसएसबी के जवानों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया। गंभीर रूप से घायल पांच घायलों को ठाठरी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां एक घायल की मौत हो गई। वहीं, प्राथमिक उपचार के बाद चार घायलों को जीएमसी डोडा रेफर किया गया। इसके बाद तीन की हालत गंभीर होने पर वायुसेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर जीएमसी जम्मू ले जाया गया है।
मृतकों की पहचान यासिर हुसैन (26), शुक्र दिन (60) निवासी टाटा काहरा, काली बेगम (50) निवासी पिया, अंजू देवी (28) निवासी चिराला, सुदेशा देवी (40)निवासी सुहानड़ा, शिवा (40) और प्रेम चंद (60) निवासी बाजा चिराला के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में काली बेगम (40) निवासी नागिनी, तनवीर हुसैन (28) निवासी चिल्ली मल्हाथ, अब्दुल लतीफ (35) निवासी चिल्ली और गुलाम मोहम्मद (60) पुत्र फतेह मोहम्मद निवासी बड़ोली शामिल हैं। इनमें गंभीर रूप से घायल अब्दुल लतीफ, गुलाम मोहम्मद और काली बेगम को सेना के चॉपर से जम्मू भेजा गया है। जबकि तनवीर अहमद का इलाज जीएमसी डोडा में चल रहा है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दुर्घटना पर दुख जताते हुए प्रशासन से घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने को कहा।
हादसों का पता लगाने को उपराज्यपाल ने गठित की है कमेटी
कुछ समय पहले डोडा में बढ़ रहे सड़क हादसों को देखते हुए जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल ने एक कमेटी गठित कर हादसों की बढ़ती संख्या के कारणों का पता लगाने को कहा था, लेकिन अभी तक इसमें कोई कामयाबी नहीं मिल सकी। जबकि डोडा में लगातार हादसे बढ़ते जा रहे हैं। दुर्घटनाओं में कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि लोग दिव्यांग हो गए हैं।
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