जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी डॉ. एसपी वैद (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले के बेगपोरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू को मार गिराया है। आतंकी के मारे जाने की पुष्टि होते ही जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने कहा कि रियाज नायकू का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी कामयाबी है। उन्होंने कहा कि वह कई पुलिसकर्मियों के अपहरण और हत्या के लिए जिम्मेदार था।
बता दें कि बेगपोरा में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज नायकू के छिपे होने की सुरक्षाबलों को सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी। घंटों चली इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली।
रियाज अहमद नायकू घाटी का सबसे वांछित आतंकी था। मुठभेड़ में सबजार भट्ट की मौत के बाद से इसने कमान संभाली थी। दिसंबर 2012 में हिज्ब में शामिल हुआ और महज पांच सालों में संगठन के प्रमुख बन गया। वह तकनीक में महारत रखता था। एक आतंकी के जनाजे में शामिल होने के बाद उसने सार्वजनिक रूप से पाकिस्तान को समर्थन देने की बात कही थी।
नायकू सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर 2016 में पोस्टर ब्वॉय बुरहान वानी की मौत के बाद आना शुरू हुआ था। उसके सिर पर 12 लाख रुपए का इनाम था। अवंतीपुरा के दुरबग के नायकू मोहल्ले का निवासी नायकू घाटी के वांछनीय आतंकियों की A++ श्रेणी में आता था।
उसने घाटी में सब्जार भट की मौत के बाद हिजबुल मुजाहिद्दीन के मुखिया का पद संभाला था। नायकू को पूरी घाटी में हिजबुल का कमांडर माना जाता था। सुरक्षा एजेंसियों ने इससे पहले उसे कई बार घेरा था, लेकिन हर बार वह किसी तरह बचकर भाग निकलने में सफल हो जाता था।