जिले के विभिन्न सरकारी स्कूलों में काम कर रहे आरईटी शिक्षकों ने राज्य सरकार व शिक्षा विभाग से आरईटी शिक्षकों के लिए जल्द ही ट्रांसफर पालिसी बनाने की मांग की है। शनिवार को आरईटी शिक्षक फोरम के सदस्यों ने सरकार की निंदा की। आरईटी अपैक्स बाडी के सदस्य एवं पूर्व जिला प्रधान नरेश शर्मा ने मांग करते हुए कहा कि पिछले करीब दो दशकों से आरईटी शिक्षक एक ही स्थान पर काम रहे हैं।
इससे उन्हें बहुत दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सबसे अधिक महिला शिक्षकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सैंकड़ों की संख्या में शिक्षिकाओं का विवाह होने के बाद भी उनकी ट्रांसफर नहीं हो रही है। ऐसे में उनके घर उजड़ रहे हैं। वह न तो अपने परिवार को समय दे पा रहे हैं और न ही अपने स्कूलों में सही प्रकार से शिक्षा प्रधान कर पा रही हैं। सरकार एक तरह से मानव अधिकारों का उल्लंघन कर रही है।
नरेश ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि कई बार सरकार के मंत्रियों व शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों ने आरईटी शिक्षकों के लिए ट्रांसफर की बात कही। लेकिन उन्होंने कोई पालिसी भी नहीं बनाई है। कई सरकारी हाई व मिडल स्कूल ऐसे हैं। जहां गणित व विज्ञान विषयों में पढ़ाई करने वाले शिक्षक ही नहीं हैं। कई हाई व प्राइमरी स्कूल ऐसे भी हैं। जहां विज्ञान और गणित विषयों में पीजी वाले शिक्षक नियुक्त नहीं हैं।
यदि आरईटी शिक्षकों के लिए ट्रांसफर पालिसी बनाई जाए। तो ऐसे स्कूलों की समस्या दूर हो सकती है। वहीं, फोरम के प्रधान खान ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि वह आरईटी शिक्षकों को स्थायी करने का जल्द आर्डर जारी करें। ताकि उन्हें पूरा वेतन मिल सके।