उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बुधवार को गुरेज में राष्ट्रीय जनजातीय महोत्सव का वर्चुअल उद्घाटन किया। दो दिवसीय जनजातीय महोत्सव दर्द-शीना समुदाय की संस्कृति और परंपरा पर आधारित है। वर्चुअल माध्यम से ही सभा को संबोधित करते हुए उपराज्यपाल ने देश की सांस्कृतिक विविधता में जनजातीय समुदाय के अपार योगदान की सराहना की। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा कि मैं दर्द-शीना आदिवासी समुदाय को भारत का सबसे अनमोल खजाना मानता हूं, जो लोगों को अपनी परंपराओं और रीति-रिवाजों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करता है। इसकी समृद्ध परंपराएं हमारे लिए एक मार्गदर्शक हैं। दर्द-शिना समुदाय के प्रकृति से गहरे जुड़ाव ने एक अनूठी संस्कृति और मूल्यों को आकार दिया है। वे मानवता को प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाकर एक स्थायी जीवन शैली जीने का सशक्त पाठ पढ़ाते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अमूल्य आदिवासी संस्कृति का संरक्षण किया जा रहा है और उनके प्राचीन गौरव और गरिमा को पुनर्स्थापित किया जा रहा है। केंद्र सरकार ने हमेशा आदिवासी समुदाय को सशक्त बनाने और उनके जीवन में बदलाव लाने पर ध्यान केंद्रित किया है। आदिवासियों के खिलाफ दशकों से चला आ रहा अन्याय अगस्त 2019 में समाप्त हो गया। विभिन्न परिवर्तनकारी पहलों ने आदिवासी भाइयों और बहनों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया है। गुरेज़ को 1947 के बाद पहली बार 2023 में ग्रिड पावर से जोड़ा गया। यह गुरेज़ और दर्द-शीना समुदाय के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
कार्यक्रम के दौरान जनजातीय कार्य, जल शक्ति, वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री जावेद अहमद राणा, गुरेज से विधायक नजीर अहमद खान, कश्मीर के संभागीय आयुक्त विजय कुमार बिधूड़ी, जनजातीय कार्य विभाग के सचिव प्रसन्ना रामास्वामी, बांदीपोरा के उपायुक्त मंजूर अहमद कादरी, सुरक्षा बलों, नागरिक एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सभी वर्गों के लोग उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे।
शीना गिलगित 88.8 एफएम रेडियो स्टेशन को किया समर्पित
उपराज्यपाल ने शीना गिलगित 88.8 एफएम रेडियो स्टेशन को दर्द-शिना आदिवासी समुदाय को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सामुदायिक रेडियो स्टेशन युवा पीढ़ी को समुदाय के मूल्यों, ज्ञान और परंपराओं को संरक्षित और संजोने के लिए प्रेरित करेगा। उपराज्यपाल ने सुझाव दिया कि नए रेडियो स्टेशन को एक समर्पित साप्ताहिक कार्यक्रम के माध्यम से आदिवासी समुदाय के समृद्ध इतिहास का प्रसारण करना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरेज़ को देश के सबसे पसंदीदा ऑफबीट पर्यटन स्थल के रूप में विकसित और स्थापित किया गया था। आज गुरेज़ देश के शीर्ष पर्यटन स्थलों में से एक है और अपने शांत परिदृश्यों और मनोरम गाँवों के साथ इसे बाहरी गतिविधियों के शौकीनों के लिए एक स्वर्ग माना जाता है। सामुदायिक रेडियो कार्यक्रमों में इसकी प्राकृतिक, कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए।
सेना और विभाग की तारीफ की
उपराज्यपाल ने दर्द-शीना समुदाय की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के लिए भारतीय सेना, जनजातीय मामलों के विभाग, जिला प्रशासन और विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों के समर्पण की सराहना की। एक भारत श्रेष्ठ भारत का जश्न मनाते हुए जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक प्रस्तुतियों की उपराज्यपाल ने विशेष सराहना की। जनजातीय समुदाय के सदस्यों को भी समाज और भारतीय सेना के प्रति उनकी सेवा के लिए सम्मानित किया गया।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा। संवाद