कश्मीर के हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग ने कौशल विकास और कारीगर सशक्तीकरण में अपने निरंतर प्रयासों को प्रदर्शित करते हुए, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में घाटी भर के विभागीय प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षुओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री से 1.07 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व अर्जित किया है।
बयान जारी कर हस्तशिल्प और हथकरघा विभाग के प्रवक्ता ने बताया कि यह राजस्व, जो सरकारी खजाने में जमा किया गया है, 400 से अधिक विभागीय प्रशिक्षण केंद्रों में नामांकित प्रशिक्षुओं द्वारा बनाए गए विभिन्न हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों जैसे पश्मीना उत्पाद, सोजनी, क्रूएल, चेन स्टिच, कानी शॉल, कालीन और विभिन्न प्रकार के हथकरघा कपड़ों की बिक्री से प्राप्त हुआ है, जो क्षेत्र की समृद्ध शिल्प विरासत को दर्शाता है।