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कभी भी बन सकते हैं पाकिस्तानी गोली का शिकार

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पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम का उल्लंघन किए जाने के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीणों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है। गोलाबारी के चलते गांव अब्दुल्लियां, कोराटाना खुर्द, विधिपुर आदि के ग्रामीण डरे हुए हैं।
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इन गांवों के ग्रामीणों ने एक बार फिर से केंद्र और राज्य सरकार से हर गांव में बंकर बनवाने और सीमावर्ती इलाकों में रह रहे हर परिवार को सुरक्षित स्थान पर पांच-पांच मरला प्लाट दिए जाने की मांग की है।

गांव वालों का कहना है कि कब पाकिस्तानी गोली उन्हें निशाना बना ले कुछ नहीं कहा जा सकता।

'पाकिस्तान पर कभी भरोसा नहीं किया जा सकता'

ग्रामीणों की कोई खोज-खबर न लिए जाने से उनमें पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार की तरह ही वर्तमान मोदी सरकार के प्रति भी नाराजगी है।

गांव विधिपुर के चौ. धर्मपाल, ओम प्रकाश, अब्दुल्लियां गांव के सरपंच चौ. बचन सिंह, बस्ती गुलाबगढ़ के सरपंच चौ. अर्जुन सिंह, नंबरदार सरवन सिंह आदि ने बताया कि पाकिस्तान पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता।

सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीण हर पल मौत से जूझते रहते हैं। वे कभी भी शांतिपूर्वक जिंदगी नहीं बिता पाते हैं। सीमा पर रहने वाले किस गांव का कौन व्यक्ति कब गोली का शिकार बन जाए इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।

'मोदी ने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कहा था'

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के पहले सीमावर्ती ग्रामीणों से कई वादे किए थे। उन्होंने पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए कहा था, लेकिन अब ग्रामीणों को ऐसा लग रहा है जैसे भाजपा ने उनको धोखा दिया है।

ग्रामीणों ने बताया कि पाकिस्तान आए दिन फायरिंग कर रहा है, लेकिन मोदी सरकार पूर्ववर्ती मनमोहन सरकार की तरह ही चुपचाप सब कुछ देख रही है। जबकि इसके लिए पहले मोदी मनमोहन की आलोचना किया करते थे।
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न प्लाट मिले न ही बंकर बने

सीमावर्ती ग्रामीणों ने कहा कि राज्य सरकार भी उनकी सुरक्षा करने के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। अभी तक उनको सुरक्षित स्थानों पर न तो प्लाट मुहैया करवाए गए और न ही सीमांत गांवों में बंकर ही बनवाए गए।

ग्रामीणों ने बताया कि गोलाबारी के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके गांवों में नहीं आए। इसलिए अब सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों की सुनने वाला कोई नहीं, सब कुछ भगवान के भरोसे पर चल रहा है।
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