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फैसलाबाद के किशोर ने की नावेद की पहचान

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बीएसएफ काफिले पर हमला करने वाले आतंकी मोहम्मद नावेद याकूब उर्फ कासिम खान को पाकिस्तान का नागरिक होने से भले ही वहां की अथारिटी इंकार करती हो, लेकिन उसकी पहचान फैसलाबाद के ही एक किशोर ने की है।
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आरएस पुरा के जुवेनाइल होम में इन दिनों रहने वाले मोहम्मद इमरान को एनआईए की टीम मीरां साहिब स्थित ज्वाइंट इंटेरोगेशन सेंटर (जेआईसी) लेकर आई और उससे नावेद की पहचान करवाई गई।

इमरान फैसलाबाद के उसी मोहल्ले में रहता है, जहां नावेद अपना घर बता रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उसने नावेद की बाकायदा पहचान की और उसके निवास के बारे में भी बताया।
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तीन साल पहले सीमा पार करते पकड़ा गया था इमरान

उल्लेखनीय है कि इमरान तीन साल पहले कठुआ क्षेत्र से सीमा पार कर भारत में घुसा था और कुछ दिन रहने के बाद जब वह वापस पाकिस्तान जाने लगा तो उसे बीएसएफ ने पकड़ लिया था।

पूछताछ के बाद उसे जुवेनाइल होम में रखा गया, जहां उसने एकबार अपनी हाथ की नसें काटने की कोशिश की थी। इमरान की पुश बैक फाइल भी बनकर तैयार हो चुकी है और उसे पाकिस्तान भेजने की तैयारी भी है।

सूत्रों के अनुसार जब उस युवक के बारे में एनआईए टीम को जानकारी मिली तो उसे जुवेनाइल होम से जेआईसी लाया गया। बताया जाता है कि इमरान उसी पंजाबी भाषा में बातचीत करता है, जैसे नावेद करता है। बताया जाता है कि इस दौरान नावेद के सामने उसे बैठाया गया।
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नावेद मंजा हुआ आतंकी नहीं है

नावेद से पूछताछ में लगे अफसरों की माने तो नावेद मंजा हुआ आतंकी नहीं है। उससे जो पूछा जाता है वह बेधड़क जवाब दे रहा है। यही कारण है कि जांच एजेंसियों ने अभी तक उससे सख्ती नहीं की है।

खुफिया एजेंसियों की माने तो नावेद ने बाकायदा फैसलाबाद स्थित अपने परिवार से जुड़ी तमाम जानकारियां दी हैं, जिसे भारत पड़ोसी देश के समक्ष रखा उसकी पाकिस्तानी नागरिकता साबित कर सकता है। इन जानकारियों में इमरान की पुष्टि भी अहम कड़ी साबित हो सकती है।
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