जम्म स्थित कल्चरल एकेडमी का एकमात्र सभागार अभिनव थियेटर ढाई साल से बंद है। इस सुविधा संपन्न थियेटर के बंद होने से जम्मू की कला, संस्कृति तथा बहुभाषी कार्यक्रमों को मंच नहीं मिल पा रहा है।
कनाल रोड पर 1978 में जम्मू-कश्मीर भाषा, कला व संस्कृति अकादमी की ओर से इसका निर्माण करवाया गया था। इसके बाद 1999 में इसकी ध्वनि एवं प्रकाश की व्यवस्था में आवश्यकता के मुताबिक मरम्मत कर सुधार करवाया गया था।
ढाई साल पहले अभिनव थियेटर को अत्याधुनिक तकनीक से जोड़ने के उद्देश्य से सात करोड़ का प्रोजेक्ट तैयार करवाया गया था, जिसमें साठ प्रतिशत केंद्र सरकार तथा चालीस प्रतिशत राज्य सरकार की फंडिंग का प्रावधान बना हुआ है।
केंद्र सरकार की फंडिंग का इंतजार
अभिनव थियेटर के कायाकल्प के लिए राज्य सरकार की फंडिंग से काम जारी है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से साठ फीसदी फंडिंग का अभी तक इंतजार किया जा रहा है।
650 कुर्सियों वाला होगा अत्याधुनिक थियेटर
अभिनव थियेटर में जहां कुर्सियों की संख्या में कमी आएगी वहीं, अत्याधुनिक तकनीक से यह थियेटर सुसज्जित होगा। पहले इसमें करीब 800 कुर्सियां थीं, जबकि अब करीब 650 कुर्सियां होंगी। दर्शक दीर्घा से पहली पंक्ति में बदलाव लाया जा रहा है, ताकि मंच तथा दर्शकों के मध्य तकनीकी स्तर पर सहजता का अनुभव हो सके।
कलाकारों की टीम कर चुकी है दौरा
जून माह में कलाकारों, रंगकर्मी, वास्तुकला विद आदि की टीम ने अभिनव थियेटर का दौरा किया था। टीम में एनएसडी के प्रो. अब्दुल लतीफ खटाना भी शामिल रहे।
क्या कहते हैं अधिकारी
जम्मू-कश्मीर कला, भाषा एवं संस्कृति अकादमी जम्मू के अतिरिक्त सचिव डॉ. अरविंदर सिंह अमन ने बताया कि अभिनव थियेटर में अत्याधुनिक तकनीकों के आधार पर मरम्मत कार्य जारी है। अब तक सत्तर से अस्सी फीसदी काम हो चुका है।