राज्यसभा में केंद्र सरकार ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का प्रस्ताव पेश किया। साथ ही अधिसूचना जारी कर अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया गया। जारी अधिसूचना के तहत जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अब दोनों ही केंद्र शासित प्रदेश होंगे। यहां चुनी हुई राज्य सरकार होगी जिसमें केंद्र की सिफारिश पर राष्ट्रपति उपराज्यपाल नियुक्त करेगा।
उपराज्यपाल के नाम की सिफारिश केंद्र सरकार राष्ट्रपति से करती है। राष्ट्रपति केंद्र द्वारा अनुमोदित नाम पर मुहर लगाने के लिए बाध्य नहीं होते हैं, आमतौर पर अनुमोदित नाप पर मुहर लगती है फिर भी राष्ट्रपति चाहे तो मना कर सकते हैं।
दिल्ली की तरह होंगे सुरक्षा व्यवस्था के नियम
संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार केंद्र शासित प्रदेश सुरक्षा का जिम्मा भारत सरकार के गृह विभाग का है। जम्मू-कश्मीर में भी अब यही नियम लागू होगा। आईएएस और आईपीएस अफसरों की तैनाती का अधिकार केंद्र सरकार यानी उपराज्यपाल के पास होगा। उपराज्यपाल ही केंद्र के निर्देश के अनुसार सुरक्षा संबंधित फैसले लेंगे।