राजोरी। थन्नामंडी स्थित देवी ढाका मंदिर में रविवार को भगवती जागरण, हवन और भंडारे का आयोजन किया गया। यह धार्मिक आयोजन थन्नामंडी में दशकों बाद हुआ है। आजादी के समय ही थन्नामंडी से अल्पसंख्यक हिंदू पलायन कर राजोरी या जम्मू चले गए थे।
छह दशक बाद हालात सामान्य होने पर थन्नामंडी के देवी मंदिर में रौनक लौटी है। आयोजक संगीत गंडोतरा, आशीष गंडोतरा, अश्वनी नंदा, संजय शर्मा और विपिन शर्मा आदि ने बताया कि रविवार को ढाका मंदिर में एक भव्य जागरण हुआ।
महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया जो स्थानीय भाईचारे और पुनर्जागरण का प्रतीक बना। इस आयोजन में बड़ी संख्या में राजोरी व आसपास के क्षेत्रोें से श्रद्धालु पहुंचे। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र में अमन-शांति की वापसी के रूप में देखा। आयोजन स्थल पर मां के भजनों पर श्रद्धालु झूम उठे। इसके साथ ही भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। प्रशासन ने आयोजन को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। इस जागरण ने स्थानीय संस्कृति और शांतिपूर्ण माहौल को और मजबूती दी है। यह आयोजन राजोेरी के मुस्लिम बहुल थन्नामंडी क्षेत्र के धार्मिक और सांस्कृतिक इतिहास में एक विशेष स्थान रखता है।