- दो को बाइक रैली से हुई थी धार्मिक कार्यक्रम की शुरूआत, आज होगा भंडारा
- शिविर में 1,500 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की हुई जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। शहर के चौक चबूतरा स्थित भैरव नाथ मंदिर में बुधवार को हर्षोल्लास के साथ भैरव अष्टमी मनाई गई। मंदिर में अलसुबह चार बजे से ही श्रद्धालु पहुंचने शुरू हो गए। यह क्रम देर रात तक चलता रहा। ढोल-नगाड़ों के साथ भैरव जी की आरती की गई। इस दौरान सूदन, सासन, आनंद, दत्ता, सैनी दत्ता सहित 52 बिरादरियों ने दरबार में माथा टेककर मेल मनाई।
मंदिर प्रबंधन कमेटी के अध्यक्ष व पुजारी पंडित रुमिल शर्मा ने बताया कि हर साल मार्ग शीर्ष कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को काल भैरव जयंती मनाई जाती है। मान्यता है कि इस तिथि पर काल भैरव का जन्म हुआ था। इस वर्ष यह तिथि 12 नवंबर को आई। इसे हम सभी महोत्सव के रूप में मनाते हैं जो 11 दिवसीय होता है। शर्मा ने कहा कि इस महोत्सव की शुरुआत दो नवंबर को बाइक रैली से हुई थी। इसमें बड़ी संख्या में बाइकर्स ने रैली निकालकर लोगों को राष्ट्र के प्रति जागरूक किया। चार नवंबर को मंदिर प्रांगण में विशाल जागरण करवाया गया। छह नवंबर को पीर फकीर भंडारा लगाया गया।
आठ नवंबर को चिकित्सा शिविर लगाया गया। इसमें 1,500 से अधिक मरीजों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच कर डॉ. सुशील ने उचित परामर्श दिए। नौ नवंबर को पौधरोपण कार्यक्रम हुआ। इसमें शहर के विभिन्न स्थानों पर 100 से अधिक पाैधे लगाकर लोगों को पर्यावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया गया। शर्मा ने बताया कि दस नवंबर को शिव अभिषेक पूजन किया गया। इसमें मंदिर प्रांगण में स्थापित पारे के शिवलिंग का अभिषेक करते हुए विशेष पूजन किया गया। 11 नवंबर को रात्रि नौ बजे भगवान काल भैरव का विशेष हवन शुरू हुआ जो 12 नवंबर को सुबह सात बजे संपन्न हुआ। सुबह 10 बजे ब्राह्मण पूजन व कंजक पूजन किया गया। दोपहर 12 बजे जंगम व बटुक पूजन हुआ। शाम सात बजे ढोल-नगाड़ों के साथ काल भैरव जी की विशेष आरती की गई। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की और 52 बिरादरियों की वार्षिक मेल मनाई गई।
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काल भैरव का विशाल भंडारा आज
पंडित रुमिल शर्मा ने बताया कि वीरवार 13 नवंबर को काल भैरव महोत्सव का विशाल भंडारा मंदिर प्रांगण में लगाया जाएगा। इसमें 60 से अधिक स्टाॅल लगाए जाएंगे। इनमें विभिन्न व्यंजनों सहित अन्य सामग्री रहेगी। यह मंदिर भैरव बाबा के तीन प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। दो मंदिर काशी और उज्जैन में हैं।
चौक चबूतरा तक आवाजाही बंद
भैरव अष्टमी महोत्सव को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन की ओर से शहर के पंजतीर्थी से चौक चबूतरा तक बुधवार को राहगीरों की आवाजाही बंद कर दी है। यह मार्ग महोत्सव संपन्न होने के बाद आवागमन के खोल दिया जाएगा।