श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर सजा गांधीनगर स्थित पंच मंदिर। संवाद
- इस्कॉन, श्रीराधा गोविंद धाम सहित अन्य मंदिरों में विशेष झांकियां तैयार, दही हांड़ी और उड़िया नृत्य बनेगा आकर्षण
रात 12 बजे होगा श्रीकृष्ण का प्रकटोत्सव, बाजारों में बढ़ी लड्डू गोपाल और शृंगार के सामान की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
जम्मू। कान्हा के जन्मोत्सव के लिए जम्मू तैयार है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर के मंदिरों में आस्था के साथ भव्यता का रंग भी नजर आएगा। इस्कॉन मंदिर में दिल्ली से आया गुलाब के फूलों का खास हार कान्हा का शृंगार करेगा तो शांति नगर श्रीराधा गोविंद धाम में 56 भोग का प्रसाद लगेगा। दीवान मंदिर में उड़िया नृत्य और नानक नगर के राम मंदिर में हांड फोड़ कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होंगे।
मंदिरों में सजावट और कृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित झांकियां तैयार हैं। मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। शांति नगर स्थित श्रीराधा गोविंद धाम के पुजारी श्रीमन निताई दास ने बताया कि जन्माष्टमी को लेकर मंदिर में भी भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। प्रकटोत्सव पर विशेष अभिषेक, छप्पन भोग और महाआरती के बाद प्रसाद बांटा जाएगा। यहां 56 भोग का प्रसाद तैयार किया और जन्मोत्सव के बाद श्रद्धालुओं में वितरित किया जाएगा। नानक नगर स्थित राम मंदिर समिति की ओर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। दाही हांडी फोड़ कार्यक्रम भी होगा। इसमें बड़ी संख्या में युवा भाग लेते हैं जो पूरे इलाके में आकर्षण का केंद्र रहता है। इसमें युवाओं की टोली देर रात हांडी फोड़कर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाती है। शहर के दीवान मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम होगा। इसमें ओडिशा से आए कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। जय हिंद धार्मिक समिति बाड़ी ब्राह्मणा की ओर से जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जा रहा है। सिडको हाउसिंग ब्लॉक में यह कार्यक्रम रात आठ बजे से होगा और रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और आरती होगी। रात 12:30 बजे श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा। समिति ने श्रद्धालुओं से कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।
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इस्काॅन मंदिर में कल विशेष पूजन के साथ अखंड कीर्तन
इस्काॅन मंदिर में इस बार श्रीकृष्ण का विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर के पुजारी कृष्णा अरविंद ने बताया कि कान्हा को पहनाने के लिए दिल्ली से गुलाब के फूलों से बना विशेष हार मंगवाया गया है। जन्मोत्सव के बाद यह हार भगवान को पहनाया जाएगा। चार सितंबर सुबह छह बजे विशेष पूजन के साथ अखंड कीर्तन शुरू होगा। दोपहर 12 बजे आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट खोले जाएंगे। शाम सात बजे आरती के साथ अभिषेक और पूजन शुरू होगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष आरती होगी और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा।