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कोविड पर भारी श्रद्धा : बाबा जित्तो के दर पर हजारों ने टेका माथा

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झी़ड़ी में बाबा जित्तो के तालाब में स्नान करते श्रद्धालु। - फोटो : SHRINAGAR
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जम्मू। कोरोना महामारी के कारण इस बार प्रशासन ने झिड़ी मेला स्थगित कर दिया था। बावजूद इसके सोमवार को कार्तिक पूर्णिमा पर आस्था के प्रतीक बाबा जित्तो के दर हजारों श्रद्धालुओं ने माथा टेका। बाबाजी के दरबार में स्थानीय सहित बाहरी राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सोमवार को श्रद्धालुओं ने तालाब में आस्था की डुबकी लगाई और बाबा जित्तो व बुआ दाती के दर्शन कर सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।
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जम्मू से 20 किलोमीटर दूर स्थित झिड़ी गांव में बाबा जित्तो के दर हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी कार्तिक पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। मेला स्थल पर छोटी-मोटी दुकानें सजीं थीं। मंदिर परिसर में लंगर भी लगाया गया। हालांकि इस बार श्रद्धालुओं की पिछले वर्ष की तुलना में संख्या कम थी। मंदिर के महंत योगेश ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह की पूजा छह बजे और शाम की पूजा सात बजे हुई। श्रद्धालुओं ने बाबा जित्तो तालाब में डुबकी लगाने के साथ शकर भी निकाली। झिड़ी मेले को उत्तर भारत का सबसे बड़ा मेला कहा जाता है। इसमें पंजाब, हिमाचल, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं पहुंचते हैं।
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हमें पता था व्यवस्था नहीं है, इसलिए खाना साथ लेकर आए
पंजाब के गुरदासपुर से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें पता था इस बार मेला नहीं है, इसलिए खाने का सामान साथ लेकर आए थे। लालू राम सह परिवार बाबा जित्तो और बुआ दाती के दर्शन करने पहुंचे। लालू ने कहा कि 29 नवंबर को गुरदासपुर से अपनी गाड़ी में निकले थे। उन्होंने कहा कि लखनपुर में अभी भी बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को परेशानी आ रही है। बिना अनुमति पत्र के प्रवेश नहीं मिल रहा है। संदीप कौर और रिंकी ने कहा कि कोरोना का डर तो है, लेकिन बाबाजी से मन्नत मांगी थी, जो पूरी होने पर बाबा के दर पर आए हैं। उन्होंने कहा कि मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के नियमों का पालन कर रहे हैं। मंदिर प्रबंधन की ओर से खाने और रहने की व्यवस्था नहीं है, इसलिए हमने घर से खाना बनाकर लाए थे। गुरदासपुर से ही साहिल बलबीर ने कहा कि कोरोना महामारी का डर तो है, पर बाबाजी का आशीर्वाद और जागरूकता से कोरोना से बच सकते हैं।
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नहीं दिखा खाकी का पहरा, सामाजिक दूरी की उड़ी धज्जियां
झिड़ी स्थित बाबा तालाब में काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हुई। तालाब में स्नान के दौरान सामाजिक दूरी के नियमों का पालन भी नहीं हुआ। इस दौरान पुलिस की भी निगरानी नहीं दिखी। कई श्रद्धालु बिना मास्क के पहुंचे थे। हालांकि बाबा जित्तो के दरबार में लोगों को सैनिटाइजर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई, लेकिन कतार में खड़े श्रद्धालुओं के बीच सामाजिक दूरी के नियमों का पालन नहीं किया गया।
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