जम्मू। कोविड़-19 के कारण इस साल शहर भर में दशहरे पर होने वाले रावण दहन कार्यक्रमों को रद्द कर दिया है। इस साल रामलीला का आयोजन भी नहीं किया जा रहा है। कुछ दशहरा कमेटियों का कहना है कि इस बार रावण, मेघनाथ और कुंभकर्ण के पुतले बनाने के लिए लॉकडाउन और महामारी के कारण बाहर से बुलाए कारीगर नहीं पहुंच पाए। ऐसे में दशहरे का आयोजन करना संभव नहीं।
इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है, जब दशहरे पर रावण दहन का कार्यक्रम शहर भर में कहीं भी आयोजित नहीं हो पा रहा है। कोरोना महामारी की वजह से रामलीला से लेकर दशहरे तक की रौनक इस साल फीकी पड़ गई है। लोगों में इस बात को लेकर निराशा तो है, लेकिन ज्यादातर लोगों का कहना है कि एक बार दुनिया इस महामारी से आजाद हो जाए फिर अगले वर्ष इससे भी ज्यादा धूमधाम से दशहरे का त्योहार मनाया जाएगा।
सैनिक कॉलोनी दशहरा सेलिब्रेशन कमेटी के अध्यक्ष सतीश सिंह जम्वाल ने कमेटी सदस्यों के साथ बैठक की। फैसला किया गया कि दशहरे के अवसर पर किसी भी तरह का कोई कार्यक्रम नहीं करवाया जाएगा, ताकि कोविड-19 के लिए जारी निर्देश का पालन किया जा सके। सतीश सिंह ने बताया कि हर साल दशहरे में जलाए जाने वाले पुतले तैयार करने के लिए मेरठ के कारीगर आते थे, जो गीता भवन में पुतले तैयार करते थे, लेकिन इस वर्ष कारीगर भी जम्मू नहीं पहुंच पाए। कार्यक्रम को रद्द करने की एक बड़ी वजह यह भी है।