दोमाना। सिखों के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य पर रविवार को गुरुद्वारा सिंह सभा बटेडा की तरफ से नगर कीर्तन निकाला गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में संगत ने भाग लिया। सिख धर्म गुरु संत तेजवांत सिंह ने संगत को श्री गुरु गोबिंद सिंह के चार साहिबजादों और उनकी मां की शहादत के बारे में बताया। नगर कीर्तन गांव बटेड़ा से सिंबल वाला, बाबा तालाब, गुड़ा सिंगु से होते हुए गुरुद्वारा दशमेश दरबार देहरण में संपन्न हुआ। नगर कीर्तन की अगुवाई गुरु जी के पंज प्यारे कर रहे थे। उनके पीछे फूलों से सजी गुरु जी की पालकी तथा उसके पीछे संगत शब्द-कीर्तन करते हुए आगे बढ़ रही थी। इससे क्षेत्र का माहौल भक्ति के रंग में डूब गया था।
इस दौरान सिख नौजवानों ने कई करतब दिखाए। नगर कीर्तन में शामिल संगत के स्वागत के लिए विभिन्न जगहों पर स्टॉल लगाए गए थे। कमेटी के अध्यक्ष सुखजीत सिंह ने बताया कि गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य पर हर साल नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है। पिछले 2 सालों में कोरोना महामारी के कारण नगर कीर्तन नहीं निकाला गया। दो वर्ष के बाद इस बार नगर कीर्तन धूमधाम से निकाला गया है।