जम्मू। चीन सहित अन्य देशों में कोरोना के कहर के बाद भारत सरकार देश भर में एहतियात बरतने की सलाह दे रही है। लेकिन जम्मू शहर में लोग बेपरवाह दिख रहे हैं। रविवार को बाजारों में दिन भर इतनी ज्यादा भीड़ रही कि लोगों को न तो कोविड प्रोटोकोल का ध्यान रहा और न ही कोई मास्क पहने दिखा। सामाजिक दूरी दरकिनार है। दुकानदार भी नियमों का पालन करना भूल गए हैं।
रविवार को शहर के गुम्मट बाजार से लेकर शालामार रोड, बस स्टैंड, परेड, पक्का डंगा, जैन बाजार सहित अन्य बाजारों में संडे मार्केट के चलते सुबह दस बजे से शाम चार बजे तक इतनी ज्यादा भीड़ रही कि जाम कि स्थिति बन गई। बाजारों में बेशुमार भीड़ की वजह से शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो रहा। हालांकि प्रशासन एहतियात बरतने की सलाह दे रहा है, लेकिन अभी तक कोई गाइडलाइन जारी नहीं की है। 27 दिसंबर को कोविड प्रबंधन और अन्य व्यवस्थाओं के लिए मॉड ड्रिल की जा रही है। कोविड के इस खतरे को देखते हुए अभी से संभलने की जरूरत है, ताकि इसे रोका जा सके।
----
घर में शादी है, कोविड फिर न आ जाए
इसलिए पहले खरीदारी पूरी करनी है
गुम्मट बाजार में संडे मार्र्केट में खरीदारी करने आई सुनीता, रितु और सुनैना ने कहा कि उनके घर में शादी होने वाली है। कोरोना के डर से सामान जल्दी इकट्ठा कर रहे हैं। अगर पहले की तरह पाबंदियां लगीं तो धूमधाम से शादी कैसे हो पाएगी।
---
तीन साल में जिन्होंने अपनों को
खोया, उनसे पूछिए दर्द क्या है
बस अड्डे पर रेहड़ी लगाने वाले शब्बीर ने कहा कि फिर से कोरोना ने दस्तक देनी शुरू कर दी है, लेकिन लोगों को इस बात की परवाह नहीं है। तीन साल में जिन्होंने कोविड के कारण अपनों को खोया है, वे लोग इसका असर जान रहे हैं। लोगों को सतर्कता बरतनी होगी।
-----
कुछ महीनों से काम ठीक चल
रहा, फिर कोरोना ब्रेक न लगा दे
आटो चालक रजनीश ने कहा कि कुछ महीनों से काम ठीक चला है। अब कोरोना के मामले बढ़ने के बारे में फिर बताया जा रहा है। इसका ज्यादा नुकसान गरीब जनता को होता है। उन्होंने कहा कि लोग अगर पहले से सभी नियमों का पालन करते हुए बाहर निकलें तो सभी इस खतरे से बच सकते हैं ----
मास्क पहनकर निकलेंगे तो
खुद के साथ सभी सुरक्षित रहेंगे
जम्मू के एक होटल में काम करने वाले सुरेश ने बताया कि लोग बात को मानने के लिए तैयार नहीं। हालांकि अभी यह प्रतिबंध नहीं कि बाहर न निकलें या कुछ काम न करें, लेकिन मास्क पहनकर निकलेंगे तो खुद को ही फायदा होगा।
-----
पहली, दूसरी और तीसरी लहर में अपनों को खोने
वाले खौफजदा, अब बरत रहे ज्यादा एहतियात
- कश्मीर से जम्मू पढ़ाई करने आए युवा बोले, तीन रिश्तेदारों की कोविड से गई जान, अब घरवाले घर में ही पढ़ाई करने के लिए कह रहे
कश्मीर के जम्मू पढ़ाई करने आए युवा इरफान और साकिल ने बताया कि उनकी रिश्तेदारी में कोरोना की पहली, दूसरी और तीसरी लहर में तीन लोगों की जान चली गई थी। अब दोबारा किसी को खोना न पड़े इसके लिए घरवाले घर में ही पढ़ाई करने के लिए कह रहे हैं। जम्मू में कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान नहीं रखा जा रहा है, इसलिए कोरोना कहीं दोबारा हावी न हो जाए, घर चले जाएंगे। साकिल ने कहा कि हम लोग अपनों को खोने का दुख जानते हैं, इसलिए अब ज्यादा एहतियात बरत रहे हैं।