रियासत की सियासत बाढ़ राहत पैकेज पर गर्मा गई है। विपक्षी पार्टियों ने बाढ़ पीड़ितों को कम राहत जारी करने को मुद्दा बना लिया है। इस मामले में कांग्रेस, नेकां, पैंथर्स समेत सीपीआई विधायक भी गठबंधन सरकार के खिलाफ जमकर बरस रहे हैं।
वहीं सत्तापक्ष की तरफ से पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि राहत पैकेज से बाढ़ पीड़ितों को ताजा मदद मुहैया होगी। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गुलाम अहमद मीर का कहना है कि 80 हजार करोड़ के पैकेज में से रियासत की पीडीपी-भाजपा गठबंधन सरकार ने केवल 2000 करोड़ की राशि बाढ़ पीड़ितों के राहत और पुनर्वास के लिए रखी है, जो कि बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है।
कांग्रेस इस मुद्दे पर सरकार को घेरेगी।नेशनल कांफ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर ने बाढ़ राहत पैकेज को पीड़ितों के साथ धोखा बताते हुए कहा है कि बाढ़ राहत और पुनर्वास के नाम पर वोट लेने वाली पीडीपी ने पीड़ितों के साथ भद्दा मजाक किया है। बाढ़ पीड़ितों के पैकेज को समेट कर रियासती सरकार का असली चेहरा लोगों के सामने आ गया है।