मुसीबत से घिरे लोगों की मदद के लिए लाखों का राशन और अन्य उपयोगी सामान जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय स्टोर में रखा-रखा ही सड़ गया या बेकार हो गया। यह सामग्री इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के कठुआ कार्यालय के दोनों कमरों में रखी थी।
दाल, चावल की बोरियों से जहां बदबू आने लगी, वहीं दूध पाउडर, मसाले और ग्लूकोज के पैकेट एक्सपायर हो गए। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स द्वारा लाया गया यह राशन बीते वर्ष बाढ़ और उसके बाद अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर गोलाबारी की वजह से घर छोड़ने को मजबूर ग्रामीणों के लिए लाया गया था।
प्रशासन ने फिलहाल इस सामान की सैंपलिंग करवाई है। सरसरी जांच में पैकेट में बंद सामान एक्सपायर पाया गया है। राशन के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
तनावपूर्ण हालात के दौरान प्रभावितों के लिए थी राहत सामग्री
प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि बीते वर्ष मूसलाधार बारिश से बने बाढ़ के हालात और उसके बाद भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तनावपूर्ण हालात के दौरान प्रभावितों के लिए राहत सामग्री लाई गई थी। इसमें से कुछ सामग्री तो वितरित कर दी, बाकी दो कमरों में रखवा दी गई।
यह सामग्री स्टेट डिजास्टर रिस्पॉंस फोर्स द्वारा लाई गई थी। सामग्री की देखरेख का जिम्मा भी उसी के पास था। महीनों राशन स्टोर में बंद पड़ा रहा। इसमें चावल, दाल, मिल्क पाउडर, मसाले, ग्लूकॉन डी, टेंट और कंबल आदि थे। सोमवार को सैंपलिंग करने पहुंची जांच टीम का नेतृत्व नगर परिषद के फूड इंस्पेक्टर सुभाष रैणा कर रहे थे।
लगभग एक वर्ष बाद राशन का यह स्टोर खोला गया, तो वहां करीब एक हजार लोगों के लिए रखी गई राहत सामग्री की हालत खराब थी। प्रशासन ने फूड सेफ्टी विभाग द्वारा सामान की सैंपलिंग करवाई है।