श्रीनगर। प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद 31 बंदियों पर लगाया गया पब्लिक सेफ्टी एक्ट (पीएसए) निरस्त कर दिया गया है। इनमें से 14 के आदेश पहले ही आ चुके थे। इन्हें जल्द रिहा किया जा सकता है। फिलहाल, पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती व नईम अख्तर, नेकां के अली मोहम्मद सागर और पूर्व आईएएस शाह फैसल समेत कई लोग पीएसए में निरुद्ध हैं। वहीं पीडीपी नेता ने जेलों में बंद सभी राजनेताओं की भी रिहाई की मांग की है।
इन 31 बंदियों में से 11 कोटभलवाल, 14 श्रीनगर सेंट्रल जेल जबकि 4 राजोरी और 2 कठुआ में कैद हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक आला अधिकारी ने बताया कि अभी श्रीनगर की सेंट्रल जेल से किसी को रिहा नहीं किया गया है। केवल इससे संबंधित आदेश जारी किया गया है।
जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के नेता मोहित भान ने भी जम्मू-कश्मीर के सभी राजनेताओं की रिहाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब कोविड-19 का खतरा बढ़ा हुआ है, सरकार को राजनेताओं की रिहाई पर विचार-विमर्श करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई नेता अभी भी नज़रबंद हैं और कुछ जेलों में बंद हैं, जिन्हें जल्द रिहा करना चाहिए। भान ने कहा कि जैसे डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को छोड़ा गया, वैसे ही पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती की भी रिहाई करनी चाहिए।