जम्मू। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में लद्दाख के विद्यार्थियों के लिए चार फीसदी सीटें आरक्षित करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद आरक्षण अधिनियम और नियमों में संशोधन किया गया है लेकिन केंद्र शासित प्रदेश लददाख में इन्हें लागू नहीं किया जा सकता। लद्दाख में किसी व्यावसायिक संस्थान की अनुपलब्धता के चलते केंद्र सरकार की सलाहकार कमेटी ने लद्दाख के विद्यार्थियों को जम्मू-कश्मीर के इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों में चार फीसदी आरक्षण देने का निर्णय लिया है। इसके तहत इंजीनियरिंग कॉलेजों में 24 सीटें और मेडिकल कॉलेजों में 35 सीटें लद्दाख के विद्यार्थियों के लिए आरक्षित रहेंगी। जम्मू-कश्मीर बोर्ड ऑफ प्रोफेशनल इंट्रेंस एग्जामिनेशन को निर्देश दिया गया है कि वह लद्दाख प्रशासन से बात करें ताकि उम्मीदवारों के चयन में दाखिला और आरक्षण नीति अपनाई जा सके।