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पटनीटॉप में अवैध निर्माण मामले में सीबीआई का 13 जगह छापा

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जम्मू। उधमपुर जिले के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल पटनीटॉप में होटलों के अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने मंगलवार को जम्मू, उधमपुर और कठुआ जिलों में 13 स्थानों पर छापे मारे। अलग-अलग टीमों ने जम्मू के डिवकाम, परिवहन आयुक्त और बिक्री कर के डीसी कार्यालय समेत पटनीटॉप विकास प्राधिकरण (पीडीए) के तीन पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और अन्य अफसरों के घरों और कार्यालयों पर छापा मार कर पूछताछ की और कुछ कागजात कब्जे में ले लिए हैं। छानबीन के दौरान कुछ बेनामी संपत्तियों का भी पता चला है।
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मामले में सीबीआई ने जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसकी जांच में पाया गया कि अधिकारियों की मिलीभगत से पटनीटॉप में बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ है और होटलों का अवैध निर्माण कराया गया है। सीबीआई ने न सिर्फ इस समय अलग-अलग जगहों पर तैनात अफसरों के घरों और कार्यालयो में छापे मारे, बल्कि सेवानिवृत्त हो चुके अधिकारियों के घरों पर भी दबिश दी। सूत्रों ने बताया कि टीम ने प्राधिकरण के दफ्तर में भी पूछताछ की। इस दौरान जमीन आवंटन से संबंधित कागजात भी खंगाले गए।
छापे की कार्रवाई के बाद सीबीआई ने मामले में केस भी दर्ज कर लिया है। पूर्व में पीडीए) के सीईओ रह चुके आठ अफसरों और अवैध ढंग से होटल, रिजॉर्ट, रेस्तरां और गेस्ट हाउस बनाने वाले कई लोगों पर केस दर्ज किया गया है। 1992 से 2019 तक पटनीटॉप विकास प्राधिकरण और भवन निर्माण नियंत्रण प्राधिकरण (बोका) में तैनात रहे केएएस अधिकारियों को भ्रष्टाचार की मिलीभगत में शामिल पाया गया है। बोका के कई पूर्व चेयरमैन भी सीबीआई के राडार पर हैं। दरअसल, जितना भी निर्माण और अतिक्रमण हुआ, उस पर उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। उलटे मनमाने तरीके से निर्माण करने की अनुमति दी गई।
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इन अफसरों के घरों और कार्यालयों में छापे
जम्मू डिवकाम कार्यालय में तैनात एडीसी राकेश संग्राल, बिक्री कर डीसी राजिंदर सिंह, परिवहन आयुक्त रमन कुमार के कार्यालय और घरों पर छापा मारा गया। इसके अलावा पटनीटॉप विकास प्राधिकरण के सीईओ रह चुके सेवानिवृत्त अधिकारी एसएम साहनी, एमए मलिक और केके गुप्ता के घरों पर भी छापा मारा गया। खिलाफवर्जी अधिकारियों आवेश जसरोटिया और जहीर अब्बास के घर और दफ्तर में छापे की कार्रवाई की गई। कठुआ में टीम बरवाल गांव पहुंची, जहां मामले से जुड़े एक व्यक्ति के बैंक अकाउंट और संपत्ति संबंधी कागजातों की छानबीन की।
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एक तो अतिक्रमण, ऊपर से बिना अनुमति के निर्माण
जांच में पाया गया है कि पटनीटॉप में बहुत से होटलों का निर्माण अतिक्रमण की गई जमीन पर किया गया। इनके निर्माण के लिए न तो कहीं से अनुमति ली गई और न ही ये होटल और गेस्ट हाउस पीडीए में पंजीकृत कराए गए। आरोप है कि इनके अवैध निर्माण और अतिक्रमण के लिए अफसरों ने करोड़ों रुपये लिए।
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हाईकोर्ट ने पिछले साल दिए थे सीबीआई जांच के निर्देश
जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने पिछले साल 31 दिसंबर को मामले की सीबीआई जांच के निर्देश दिए थे। आरोप था कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से मास्टर प्लान का उल्लंघन कर कई होटल तथा हट बनाए गए हैं। पेड़ों की कटाई भी की गई है। पटनीटॉप होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कोर्ट में पीआईएल दाखिल कर कहा था कि होटल निर्माण में मास्टर प्लान का पालन नहीं किया गया है। लगभग 70 फीसदी होटल बिना अनुमति के ही बनाए गए हैं।
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