रविवार की रात भर हुई पाकिस्तानी गोलाबारी ने उन परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है, जहां हाल ही में शादी-विवाह हैं। इन परिवारों को डर है कि कहीं शादी वाले दिन ही पाकिस्तान अपनी बंदूकों का मुंह न खोल दे। गोलाबारी ने इन परिवारों में खुशियों का रंग फीका कर दिया है। हाल यह हैं इन परिवारों के रिश्तेदार भी यहां आने से कतराते हैं।
कारोटाना खुर्द गांव के प्रीतम सिंह, उत्तम सिंह, कृष्ण लाल, जागर राम ने बताया कि लंबे समय से हालात खराब चल रहे हैं। पाकिस्तान आए दिन गोलाबारी शुरू कर देता है। गांव के जिन परिवारों में शादी है वहां घर के सदस्य और भी डरे हुए हैं। इन परिवारों के रिश्तेदारों में भी गोलाबारी का असर देखा जा रहा है।
हाल यह हैं कि गोलाबारी के चलते रिश्तेदार भी शादी समारोहों में हिस्सा लेने के लिए सीमावर्ती गांवों में आने से कतराते हैं। आरएस पुरा सेक्टर के कई सीमावर्ती गांवों के परिवारों में हाल ही में शादी-विवाह हैं। संघर्ष विराम के उल्लंघन के चलते शादी विवाह की खुशियों पर ग्रहण न लग जाए, इसकी आशंका इन परिवारों को हर वक्त सताती रहती है।
सुचेतगढ़ पंचायत के सरपंच स्वर्ण लाल भगत का कहना है कि सीमावर्ती ग्रामीणों को दिक्कतें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं। चाहे खेतीबाड़ी करनी हो या रोजीरोटी के साधन जुटाने की कवायद। जिन घरों में शादियां हैं, उनके लिए और भी मुश्किलें हैं।
उन्हें हर वक्त डर रहता है कि पाकिस्तान न जाने कब मोर्टार का मुंह गांव की ओर खोल दे। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को जब तक उसी की भाषा में जवाब नहीं दिया जाएगा तब तक ऐसा ही चलता रहेगा। केंद्र सरकार को अब जवाबी कार्रवाई करनी चाहिए।