श्री अमरनाथ यात्रा 2015 के लिए सोमवार से देशभर के केंद्र शासित और दूसरे राज्यों में जेएंडके, पीएनबी और येस बैंक की 430 शाखाओं में यात्री पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है। रियासत में जेएंडके और पीएनबी बैंक से पंजीकरण के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
आगामी दो जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए पंजीकरण को स्वास्थ्य प्रमाणपत्र बनाना अनिवार्य है। इस बार छह साल बाद श्री अमरनाथ यात्रा की अवधि 59 दिन की हुई है, जिससे पंजीकरण के लिए बड़ी संख्या में शिव भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। इससे पहले वर्ष 2009 में 60 दिन यात्रा चली थी।
वर्ष 2014 के मुकाबले इस बार यात्रा की अवधि पंद्रह दिन ज्यादा है। यात्रा पुरुषोत्तम पूर्णिमा पर आगामी दो जुलाई को शुरू होकर श्रवण पूर्णिमा (रक्षाबंधन) पर 29 अगस्त को संपन्न होगी। आधिकारिक तौर पर पंजीकरण प्रक्रिया को एक मार्च को शुरू किया जाना था, लेकिन बैंक में छुट्टी के चलते इसे दो मार्च से शुरू किया जा रहा है।
श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट की जानकारी के अनुसार जम्मू संभाग में पुल डोडा, बख्शीनगर जम्मू, गांधीनगर जम्मू, टूरिस्ट रिसेप्शन सेंटर जम्मू, बिलावर, पुंछ, रामबन, जवाहर नगर राजोरी, शक्ति नगर जम्मू और कर्णनगर श्रीनगर में जेएंडके बैंक की संबंधित शाखाओं में पंजीकरण होगा।
पहले आओ पहले पाओ की सुविधा
इसी तरह अखनूर जम्मू, रिहाड़ी चौक जम्मू, कालेज रोड कठुआ, होटल अंबिका कटड़ा, मेन बाजार रियासी, वार्ड नंबर 2 नेशनल हाईवे सांबा की पीएनबी शाखाओं में पंजीकरण होगा। जेएंडके बैंक के पीआरओ अनिल शर्मा के अनुसार पंजीकरण की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और सोमवार से दोपहर बाद पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा।
इन बैंक शाखाओं से बालटाल और चंदनबाड़ी रूट दोनों के लिए पंजीकरण किया जाएगा। पंजीकरण के लिए स्वास्थ्य प्रमाणपत्र अनिवार्य होगा। वर्ष 2013 में पंजीकरण प्रक्रिया को 18 मार्च को शुरू किया गया था, लेकिन पिछले दो साल से एक मार्च से पंजीकरण प्रक्रिया को शुरू किया जा रहा है।
पंजीकरण प्रक्रिया में पहले आओ पहले सेवा पाओ की तर्ज पर यात्रियों को बाबा बर्फानी के दर्शन की सुविधा दी जाएगी। यात्री पंजीकरण में निर्धारित तिथि और यात्री परमिट के आधार पर ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। यात्रा अवधि के दौरान पहलगाम-चंदनबाड़ी और बालटाल ट्रैक से 7500-7500 श्रद्धालुओं के अलावा पंजतरणी हेलीकाप्टर को मिलाकर रोजाना कुल 15 हजार श्रद्धालुओं को यात्रा की इजाजत होगी।
वर्ष 2011 में 45 दिन की यात्रा में रिकार्ड 6.36 लाख शिव भक्तों ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे, जबकि वर्ष 2014 में यह आंकड़ा 3.72 लाख रहा।