उन्होंने कहा कि अमीन को आत्मसमर्पण कराने के लिए कई प्रयास किए गए। उसके परिवार को भी बुलाया गया।लेकिन उसने बार-बार आत्मसमर्पण की पेशकश को ठुकरा दिया। उसने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की, जिसकी जवाबी कार्रवाई में कई घंटों तक गोलीबारी जारी रही और मुठभेड़ में वह मारा गया। अधिकारियों ने कहा कि अमीन का भाई शब्बीर मलिक भी जाकिर मूसा के नेतृत्व वाले अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़ा एक आतंकवादी था, जो बाद में 2019 में एक मुठभेड़ में मारा गया था।