केंद्रीय वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को पीओके और वेस्ट पाकिस्तानी रिफ्यूजियों ने अपना दर्द सुनाया। पिछले 70 साल से विस्थापन का दंश झेल रहे पीओके रिफ्यूजियों ने स्थायी नागरिकता मांगी। आतंकवाद से प्रभावित विस्थापितों के साथ बार्डर पर पाक गोलाबारी से पीड़ितों ने अपना हक मांगा।
कश्मीर में पत्थरबाजों की तर्ज पर अमरनाथ भूमि आंदोलन के मुकदमों को वापस लेने की मांग को जोरशोर से उठाया गया। शनिवार को दूसरे दिन वार्ताकार शर्मा ने विभिन्न प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात में उनकी समस्याओं का शीघ्र हल करने का भरोसा दिलाया।
शर्मा सुबह ही अपने मिशन पर निकल गए थे। उन्होंने जिला रियासी के तलवाड़ा क्षेत्र में विस्थापितों की नब्ज टटोली। बीस वर्ष पहले प्राणकोट, नारकोट, जिज बिरयाना में आतंकियों द्वारा किए गए नरसंहार के बाद बड़े पैमाने पर इन विस्थापितों को यहां लाकर बसाया गया था।
वार्ताकार ने तलवाड़ा स्थित दोनों सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति में सुधार लाने के लिए मौके पर जिला विकास आयुक्त प्रसन्ना रामास्वामी को निर्देश दिए। इस दौरान नेशनल पैंथर्स पार्टी समर्थक माइग्रेंट एक्शन कमेटी और माइग्रेंट कैंप तलवाड़ा के शिष्टमंडल वार्ताकार से मिले।
दोपहर के सत्र में वार्ताकार से कन्वेंशन सेंटर जम्मू में बीएसपी समेत 33 संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने मुलाकात की। इसमें प्रमुख रूप से पीओके रिफ्यूजियों का उत्थान, पत्थरबाजों की रिहाई का विरोध, जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में समान विकास, अवैध रोहिंग्याओं और बांग्लादेशियों को बाहर करना, सीमांत ग्रामीणों को पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं देना आदि शामिल रहा।
वार्ताकार ने भरोसा दिलाया कि सभी जायज मांगों को केंद्र के समक्ष रखा जाएगा। प्रतिनिधिमंडलों में कई एमएलसी शामिल रहे। रविवार को वार्ताकार कश्मीर का दौरा कर कई प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात करेंगे।