जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन ही निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद अहमद ने रियासत में आग लगा देने की धमकी दे डाली। पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को रियासत में बसाने के मुद्दे पर रशीद ने कहा 'पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को उनके देश वापस भेजा जाए। आप उन्हें यहां क्यों बसाना चाहते हैं? सरकार यह नहीं कर सकती।' रशीद ने गवर्नर एनएन वोहरा के अभिभाषण में पाकिस्तानी रिफ्यूजियों का जिक्र आने के बाद अपना विरोध दर्ज कराया।
गवर्नर के अभिभाषण के दौरान ही रशीद अपनी कुर्सी से उठ गए और उन्हें बीच में रोकने का प्रयास किया। इस दौरान भाजपा विधायक रविंद्र रैणा ने रशीद का विरोध करते हुए कहा, पीओके रियासत का हिस्सा तो फिर उन्हें वापस क्यों भेजा जाए? उनको (पाकिस्तानी रिफ्यूजियों) वापस पाकिस्तान भेजने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
विधानसभा का सत्र पूरा होने के बाद रशीद ने सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए कहा, अगर सरकार ने पाकिस्तानी रिफ्यूजियों को रियासत में बसाने का प्रयास किया तो, 'करना से कठुआ' तक पूरी रियासत जल उठेगी। रशीद ने कहा, मेरी संवेदना पाकिस्तानी रिफ्यूजियों के साथ है लेकिन उन्हें रियासत में बसाने का कोई अर्थ नहीं है, उनको उनके असली घर पाकिस्तान वापस भेजा जाए। रशीद ने कहा, उन लोगों को कुछ आर्थिक सहायता देकर वापस भेज दिया जाए।