पांच अगस्त के बाद अगर देखा जाए तो अवंतीपोरा मुठभेड़ में दो आतंकी ढेर हुए, वह पांच अगस्त के बाद का पहला ऑपरेशन था जिसमें पुलिस ने दो आतंकी को मार गिराए। वहीं अनंतनाग के बिजबिहाड़ा के पजलपुरा में भी कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियों ने घेराबंदी की थी और दो आंतकियों को मार गिराया था।
इसके अलावा तीसरा ऑपरेशन अवंतीपोरा के त्राल में हुआ। यहां एक घर में छिपे दो आतंकियों को मार गिराया गया। वहीं पुलवामा जिले में सेना की टुकड़ी पर हमला बोलने के बाद जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी भी ढेर हुए थे।
सूत्रों के अनुसार घाटी में प्रीपेड मोबाइल सेवा बंद होने के बाद से ही आतंकी ऑपरेशनों में कमी आई है। माना जाता है कि आतंकी प्रीपेड मोबाइल सेवा का ज्यादा इस्तेमाल करते थे। फोन इस्तेमाल करने से ही आतंकियों की लोकेशन ट्रेस होती थी और नेस बेसिस इंटरसेप्शन से भी सुरक्षा एजेंसियों को उनकी खबर मिल जाती थी।
प्रीपेड मोबाइल सेवा बंद होने कारण आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन में रोक लगी है। हालांकि, एजेंसियां आतंकियों की तलाश में सर्च अभियान चलाती रहती हैं।
पांच अगस्त को अनुच्छेद 370 हटने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के लिए पहला चैलेंज घाटी के माहौल को सामान्य करना था।
सूत्रों के अनुसार मोबाइल सेवा बंद होने से घाटी में आतंकियों की लोकेशन ट्रेस नहीं हो सकी। सेना अधिकारियों ने आशंका जाहिर की है कि इसका फायदा उठाकर आतंकी अपना ठिकाना बदल सकते हैं।