दरबार मूव की व्यवस्था में बदलाव के फार्मूले के तहत जिन विभागों का केवल एक ही निदेशालय है उनके दो निदेशालय बनाने की संभावनाओं को तलाशा जा रहा है। इससे जम्मू और श्रीनगर दोनों ही जगह साल भर कामकाज सुचारू रूप से चल सकेगा। रोजगार, तकनीकी शिक्षा, जनजातीय मामले, युवा सेवाएं एवं खेल विभाग, फॉरेस्ट प्रोटेक्शन फोर्स, लोकल फंड, ऑडिट एवं पेंशन और रूरल सेनीटेशन के निदेशालय दो जगह बनाने पर विचार किया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव परंपरा के तहत करीब दस हजार मुलाजिम एवं अधिकारी हर छह महीने के बाद श्रीनगर से जम्मू और जम्मू से श्रीनगर मूव करते हैं। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी को हर दरबार मूव पर 15 हजार रुपये टीए के रूप में मिलते हैं। सरकारी क्वार्टरों के अलावा अधिकारियों-कर्मचारियों को होटलों और निजी कोठियों को किराए पर लेकर ठहराया जाता है। सरकारी रिकॉर्ड को हर छह महीने पर एक-जगह से दूसरी जगह मूव करने में भी करोड़ों की राशि खर्च होती है।