संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। जिला विकास आयुक्त निधि मलिक ने जिला पूंजीगत व्यय योजना 2025-26 के प्रारूप की समीक्षा हेतु एक बैठक की। बैठक में यूटी घटक, एबीडीपी, एपीडीपी और क्षेत्र विकास निधि सहित विभिन्न घटकों के अंतर्गत विभागवार प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा हुई। डीसी ने निर्देश दिए कि ग्राम सभा सभी प्रस्तावों की जांच व अनुमोदन करे।
शिक्षा, स्वास्थ्य, नगर पालिका और अन्य प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया। जिस में जमीनी स्तर के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। समीक्षा के दौरान डीसी निधि मलिक ने प्रस्तावित कार्यों की गहन जांच की और इस बात पर ज़ोर दिया कि योजना में व्यक्ति-केंद्रित लाभों की तुलना में समुदाय उन्मुख विकास को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने सभी अधिकारियों को स्पष्ट औचित्य, स्थल की तस्वीरें और प्रत्येक परियोजना के अपेक्षित परिणामों के साथ प्रस्ताव प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
डीसी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि योजना को अंतिम रूप देने से पहले सभी प्रस्तावों की ग्राम सभा द्वारा जांच और अनुमोदन हो। उन्होंने समय पर निष्पादन और अनुमोदन के बाद कार्यों की नियमित निगरानी के महत्व पर भी जोर दिया और विभागों से कैपेक्स योजना 2025-26 के अंतर्गत परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। इसके अलावा सभी विभागों को यह सत्यापित करने का निर्देश दिया कि प्रस्तावित कार्य भूमि विवादों और वन मंजूरी संबंधी समस्याओं से मुक्त हों ताकि निष्पादन में देरी से बचा जा सके।
उन्होंने यथार्थवादी और समावेशी योजना के माध्यम से एबीडीपी, एपीडीपी और सतत विकास लक्ष्यों के तहत प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों के साथ विभागों को संरेखित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त सुखदेव सिंह सम्याल,चीफ प्रोजेक्ट ऑफिसर नरिंदर कुमार,असिस्टेंट कमिश्नर डेवलपमेंट विजय कुमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी,लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति के कार्यकारी अभियंता सभी बीडीओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।