श्री सनातन धर्मसभा में महा शिव पुराण कथा जारी
कथावाचक ने शिव महिमा से संगत को किया निहाल
संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। सावन माह का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इस माह में शिवलिंग की स्थापना और पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। यह ज्ञान सूरज कौशल शास्त्री ने बुधवार को श्री सनातन धर्मसभा में महा शिवपुराण की कथा के दौरान संगत को दिया।
उन्होंने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्मा में किसी बात को ले कर विवाद हो गया। दोनों के बीच भीषण युद्ध शुरू हो गया। दोनों प्रभु-प्रभु कहते हुए युद्ध करते हैं। दोनों के प्रहारों से देवता व्याकुल हो कर कांपने लगते हैं। उनका कहना है कि यह सारी सृष्टि भगवान शिव की है। उनकी आज्ञा के बिना एक तिनका भी इधर-उधर नहीं हो सकता है। बाद में सभी महादेव के पास पहुंचते है। उन्हें देख भगवान शंकर कहते है मुझे मालूम हुआ है कि विष्णु और ब्रह्मा में युद्ध जारी है। भगवान शिव युद्ध को छिप कर देखने लगते हैं। इसी दौरान प्रलय के वातावरण को देख कर शिव एक तेजोमय अग्नि के समान दोनों के मध्य में जा कर लिंग के रूप में प्रकट हुए। विष्णु व ब्रह्मा दोनों तेज वाले स्तंभ को देख कर विस्मय हो गए। विष्णु शूकर का रूप धारण कर पाताल में और ब्रह्मा हंस रूप धर कर आकाश में चले गए।
शास्त्री ने बताया कि यदि कोई भी श्रवण, मनन और कीर्तन कर शिवलिंग की स्थापना करता है तो वह संसार रूपी सागर व पापों से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। विष्णु व ब्रह्मा के विवाद के बाद से ही शिवलिंग संसार में पूजा जाने लगा। इसकी पूजा से मुक्ति और मोक्ष मिलता है। कथा का समापन आरती के साथ किया गया और संगत में प्रसाद वितरित किया गया।