संवाद न्यूज एजेंसी
रियासी। शनिवार को दूसरे दिन भी श्री सनातन धर्म सभा में श्रीमद्भागवत कथा जारी रही। इसमें कथा वाचक सूरज कौशल ने कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि एक मां को दो पुत्र हुए। मां ने अपने एक बेटे का नाम गोकर्ण तो दूसरे का नाम धुंधकरण रखा। गोकर्ण माता-पिता की सेवा में जीता रहता तो दूसरा बेटा अय्याशी में पड़ा रहता।
वह हमेशा गलत कार्य करता। लोगों से भी लड़ाई-झगड़ा करना उसके लिए आम बात थी। अपने गलत कार्य व कृतियों के चलते उसने पिता को मार डाला और मां को छोड़ कर सारी धन संपदा अय्याशी में लुटा दी।
शनिवार को राखी का पर्व होने के कारण कथा सुनने कुछ महिलाएं ही पहुंचीं जिन्हें कथा समाप्त होने पर प्रसाद बांटा गया।