भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में विस्थापित कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक घर वापसी का मुद्दा उठाया गया है। अनुच्छेद 370 के बाद जम्मू-कश्मीर में आए सकारात्मक बदलावों को भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने दर्शाया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र रैना ने कहा कि पीओके के लिए विधानसभा में आरक्षित 24 सीटों को जम्मू-कश्मीर में रह रहे रिफ्यूजियों के लिए आरक्षित किया जाना चाहिए। प्रदेश भाजपा का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही परिसीमन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रिटायर्ड रंजना देसाई से मिलेगा और उनके समक्ष अपना पक्ष रखेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेने के बाद शनिवार को जम्मू पहुंचे रैना ने पत्रकारों के समक्ष यह बातें कहीं।
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रैना ने कहा कि हमारा राष्ट्र पूरे जम्मू-कश्मीर को अपना हिस्सा मानता है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर भी शामिल है। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में पीओके के लिए 24 सीटें आरक्षित हैं। पीओके की एक तिहाई आबादी 1947, 1965 व 1971 में पाकिस्तान के जुल्म व कत्लेआम से तंग आकर जम्मू-कमीर में रिफ्यूजी बनकर रह रही है। ऐसे में इन लोगों को आरक्षित 24 सीटों में एक तिहाई सीटों पर आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए। सर्वदलीय बैठक में भाजपा ने रिफ्यूजियों की मांग के अलावा विस्थापित कश्मीरी पंडितों के सम्मानजनक पुनर्वास के मुद्दे को भी उठाया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अनुच्छेद 370 व 35ए के हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में रिफ्यूजियों, बाल्मीकि समाज और गोरखा समाज के साथ हो रहा अन्याय खत्म हुआ। प्रदेश की बेटियों को भी न्याय मिला। यहां पर विकास की गति तेज हुई है। जम्मू संभाग के साथ पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा भेदभाव किया जाता था वह भी बंद हो चुका है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति, खुशहाली के लिए पाकिस्तान, अलगाववाद और आतंकवाद की मानसिकता को खत्म करना होगा।