आवामी इतिहाद पार्टी (एआईपी) के अध्यक्ष और उत्तरी कश्मीर के लंगेट से विधायक इंजीनियर रशीद ने बुधवार को सदन में फिर हंगामा किया। उन्होंने असंसदीय भाषा का प्रयोग किया। इसके बाद स्पीकर के आदेश पर उन्हें मार्शल ने सदन से बाहर करा दिया। हालांकि कई सदस्यों के आग्रह पर विधानसभा अध्यक्ष ने कुछ देर बाद उन्हें पुन: कार्यवाही में हिस्सा लेने की अनुमति दे दी।
प्रश्नकाल शुरू होते ही भाजपा के विधायक पवन गुप्ता अपना सवाल रखने के लिए खड़े हुए तो इंजीनियर रशीद ने एक अखबार का हवाला देते हुए कहा कि मुस्लिम डेवलपमेंट फोरम के अध्यक्ष सईद शब्बीर अहमद शाह को पीएसए के तहत क्यों गिरफ्तार किया गया है। उन्हें तत्काल रिहा किया जाना चाहिए।
गुप्ता ने उनसे अनुरोध किया कि प्रश्नकाल को चलने दिया जाए लेकिन रशीद ने कहा बाढ़ में जाए प्रश्नकाल। इसके बाद दोनों के बीच तीखी बहस हुई। इस बीच भाजपा विधायकों ने रशीद के इस बर्ताव पर नाराज़गी जताई और उन्हें सदन से बाहर निकालने का अनुरोध किया। रशीद ने स्वर्गीय मुफ़्ती मोहम्मद सईद के चहारुम का हवाला देते हुए कहा कि क्या इसी लिए शब्बीर को गिरफ्तार किया गया कि वह इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
सांबा के सांप्रदायिक तत्वों को क्यों नहीं गिरफ्तार करते जिन्होंने इश्तियाक और जधिक का क़त्ल किया था। खाली मुसलमानों पर ही पीएसए क्यों लगाते हो? स्पीकर ने जवाब में कहा कि सिर्फ राष्ट्रविरोधी लोगों पर पीएसए लगाया जाता है। इस हंगामे के बीच पीडीपी के विधायक चुपचाप तमाशा देख रहे थे।
हंगामा थमता न देख पीडीपी मंत्री अब्दुल खान ने मामले में हस्तक्षेप किया और कहा हमें इस हाउस की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। जो ऐसा करता है उसे ऐसा करने न दिया जाए। लेकिन इसको लेकर इंजीनियर रशीद ने असंसदीय भाषा का प्रयोग करते हुए कहा बकवास बंद करो, किस इज़्ज़त की बात करते हो? रशीद की इस बात स्पीकर विधानसभा अध्यक्ष ने रशीद को सदन से मार्शल आउट करने के निर्देश दिए।