रणजीत सागर बांध की झील को पर्यटन के दृष्टि से विकसित करने के लिए कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने कठुआ दौरे के दौरान पहले बसोहली में झील का निरीक्षण किया और उसके बाद कठुआ के एक औद्योगिक कारखाना परिसर में झील विकास प्लान की प्रेजेंटेशन देखी।
राज्य मंत्री परिषद के कई सदस्यों, पर्यटन और लखनपुर सरथल डेवलपमेंट अथॉरिटी के वरिष्ठ अफसरों की मौजूदगी में 50 करोड़ की लागत से रणजीत सागर बांध की झील में पर्यटन विकास पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने रणजीत सागर बांध की झील से अंतर्राज्यीय जलमार्ग को बहाल करने पर जोर दिया।
इसके साथ ही लखनपुर-बसोहली मार्ग के विस्तारीकरण का भरोसा भी दिया। कहा कि रावी पुल बनने के बाद बसोहली जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हिमाचल प्रदेश का संगम स्थल बनेगा।
विशेषज्ञों ने पूरे प्लान की प्रजेंटेशन दी
पर्यटन विकास की संभावनाओं के लिए प्रस्ताव तैयार करने वाले आईएल एंड एफएस क्लस्टर्स कंपनी के विशेषज्ञों ने पूरे प्लान की प्रजेंटेशन दी। अनुमानित 50 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित इस प्लान को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की तर्ज पर बनाया जाएगा।
झील को पर्यटन विकास के लिहाज से विकसित करने के लिए प्रस्ताव में मनोरंजन की व्यवस्थाएं, जॉगर्स पार्क, एम्यूजमेंट पार्क, जलमार्ग से फेरी सुविधा और वे साइड अमेनिटी के बिंदु शामिल हैं। आईएल एंड एफएस क्लस्टर्स कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्लान के तहत यदि सुविधाएं दी जाएं, तो झील का जलाशय टूरिस्ट हब के रूप में विकसित हो सकता है।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने इस बाबत तमाम संभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुविधा बहाली का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर डिप्टी सीएम डॉ. निर्मल सिंह, स्वास्थ्य मंत्री लाल सिंह और कठुआ विधायक राजीव जसरोटिया मुख्य रूप से मौजूद थे।