बसोहली के डैम प्रभावितों ने सोमवार को जिला प्रशासन और पंजाब सरकार के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि जिला प्रशासन और पंजाब सरकार ने उन्हें गुमराह किया है।
जब भी वह आर एंड आर स्कीम के तहत अपना हक मांगते हैं तो दोनों ओर से केवल आश्वासन ही दिया जाता है। लेकिन अभी तक न तो उन्हें रोजगार मिला और न ही मुआवजा।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे तेजिंद्र सिंह ने कहा कि जब रंजीत सागर झील बनी थी तो 1802 परिवारों की जमीन और घर उसमें समा गए या फिर प्रभावित हुए।
इसके एवेज में सरकार ने रोजगार और मुआवजे के लिए रिसेटलमेंट एंड रिहैबिलिटेशन योजना बनाई। लेकिन योजना के तहत अब तक केवल चार सौ से कुछ अधिक परिवारों को ही लाभ मिला पाया है।
बाकी सभी परिवार दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब थे डैम क्लेक्टर ने सभी दस्तावेजों को सही और मार्क कर पंजाब सरकार और भेज दिया तो सरकार ने उन्हें अधूरा कहा। उन्होंने कहा कि अब न तो उनके पास घर है और न ही रोजगार। दोनों ओर से उनके साथ धोखा हुआ है।