रियासत से बीसीसीआई की ओर से रणजी ट्राफी के मुकाबलों को शिफ्ट करने की आशंका से हड़कंप मच गया है। जम्मू विंग ने मुख्यमंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने के साथ घरेलू मैदान जीजीएम साइंस कालेज की हास्टल ग्राउंड को मुकाबलों के लिए पूरी तरह से फिट बताया है। उनका कहना है कि घरेलू मैदान पर नियमित कोचिंग कैंप और सिलेक्शन ट्रायल आयोजित किए जा रहे हैं।
ऐसे में मैदान पर राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले करवाए जा सकते हैं। जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन के महासचिव एमएल नेहरू का कहना है कि राज्य से रणजी ट्राफी मुकाबलों को शिफ्ट करने के बारे में बीसीसीआई से कोई जानकारी नहीं मिली है। एसोसिएशन के जम्मू विंग के संयुक्त सचिव सुदर्शन मेहता का कहना है कि अगर राज्य से रणजी ट्राफी मुकाबले शिफ्ट किए जाते हैं तो यह स्थानीय क्रिकेटरों के लिए दुर्भाग्यपूर्ण होगा।
पिछले साल जम्मू के घरेलू मैदान पर नौ राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मुकाबले आयोजित किए गए थे। इन मुकाबलों में मेजबान टीम का प्रदर्शन बेहतर रहा था। इन मुकाबलों की बदौलत राज्य टीम ने नया इतिहास भी रचा था। उन्होंने कहा कि जम्मू के घरेलू मैदान पर मूसलाधार बारिश से पानी जरूर भर गया था लेकिन अब हालात सामान्य हैं। यहां राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले आयोजित करवाए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को ईमेल से मामले में हस्तक्षेप कर बीसीसीआई के समक्ष सारी बात रखने को कहा है। बीसीसीआई की टीम घरेलू मैदानों का जायजा ले सकती है। जेकेसीए के प्रधान डा. फारूक अब्दुल्ला के विदेश में होने के कारण मुख्यमंत्री के समक्ष मामला उठाया गया है। राज्य टीम के कप्तान रहे परवेज रसूल भी घरेलू मैदानों पर रणजी ट्राफी मुकाबले आयोजित करने की वकालत कर चुके हैं।