टीम इंडिया के पूर्व आल राउंडर सुनील जोशी रविवार को शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम श्रीनगर में क्रिकेटरों से रूबरू हुए। स्टेडियम में रणजी के कोचिंग कैंप के दौरान जोशी ने क्रिकेटरों को बल्लेबाजी और गेंदबाजी के गुर सिखाए। बिश्न सिंह बेदी के बाद जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन में चीफ कोच के पद पर आए जोशी रणजी के अलावा अन्य कैंपों में भी अपनी सेवाएं देंगे।
रविवार सुबह शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में एसोसिएशन के चेयरमैन अरविंदर सिंह मिक्की और महासचिव एमएल नेहरू ने रणजी कोचिंग कैंप का उद्घाटन किया। इसके बाद चीफ कोच सुनील जोशी ने क्रिकेटरों से परिचय किया। उन्होंने क्रिकेट के टिप्स देते हुए बताया कि बल्लेबाजी, गेंदबाजी के साथ मजबूत क्षेत्ररक्षण वाली टीम ज्यादा सफलता पाती है।
लिहाजा क्रिकेटरों को तीनों क्षेत्रों में मजबूत होना होगा। इस दौरान जोशी सुबह से लेकर दोपहर बाद तक विकेट पर रहे। कैंप के लिए स्टेडियम के सेंट्रल विकेट को तैयार किया गया है, जबकि बाढ़ से तबाह हुए आउटर ग्राउंड को दुरुस्त बनाने का काम भी चल रहा है। इस कैंप में अश्विनी गुप्ता सहायक कोच, मुश्ताक अहमद राठोर प्रशिक्षक और एजाज अहमद फिजियो रहेंगे।
एसोसिएशन के चेयरमैन मिक्की के अनुसार तीस अक्तूबर को रणजी की टीम फाइनल कर दी जाएगी। कैंप में 34 संभावित खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, जिसमें 16 का अंतिम चयन किया जाएगा।
इसके अलावा श्रीनगर के खिलाड़ियों के लिए अंडर 14 के सिलेक्शन ट्रायल भी आयोजित किए गए हैं। जोशी और अन्य दूसरे प्रशिक्षकों की देखरेख में क्रिकेटरों का चयन किया जाएगा। इस सारी व्यवस्था का उद्देश्य राज्य के क्रिकेटरों के प्रदर्शन को और बेहतर बनाना है।