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आज ही के दिन हुआ था जम्मू-कश्मीर का विलय

Sun, 26 Oct 2014 10:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर के विलय दिवस पर रविवार को कई जगह कार्यक्रमों का आयोजन कर राष्ट्रीय ध्वज फहराये गए और महाराजा हरि सिंह की दूरदर्शिता को भी सराहा गया। प्रदेश भाजपा की ओर से तवी पुल पर मंदिर मस्जिद मोड़ पर स्थित महाराजा हरि सिंह प्रतिमा स्थल पर विलय दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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इस अवसर पर विधायक दल के नेता अशोक खजूरिया ने कहा कि जम्मू कश्मीर का भारत के साथ विलय अटूट हैं और महाराजा हरि सिंह ने 26 अक्तूबर 1947 को अपनी देशभक्ति और दूरदर्शिता का परिचय देते हुए जम्मू-कश्मीर का भारत के साथ पूर्ण विलय कर दिया था। उन्होंने कहा विलय दिवस को पर्व की तरह मनाया जाना चाहिए।

राष्ट्रीय कार्र्यकारिणी के सदस्य शमशेर सिंह मन्हास, प्रदेश प्रवक्ता सुनील सेठी, वरिष्ठ नेता लाल सिंह ने भी महाराजा हरि सिंह की दूरदर्शिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि जो लोग विलय पर सवाल उठाते हुए उन्हें इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। इस अवसर पर डोगरा ब्रिगेडियर राजिंद्र सिंह की बहादुरी और शहादत को भी उन्होंने याद किया।
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इस अवसर पर भाजपा नेता सत शर्मा (सीए), अमरनाथ गुप्ता, फारूक खान, विबोध गुप्ता आदि भी मौजूद रहे। वहीं भाजपा जेएंडके सेल के राष्ट्रीय सह संयोजक एडवोकेट चंद्र मोहन शर्मा की ओर से ईडन गार्डन में भी विलय दिवस समारोह का आयोजन कर विलय दिवस के इतिहास पर प्रकाश डाल जम्मू कश्मीर के भारत के साथ विलय को अटूट बताया गया।

गाडीगढ़ में भी भारतीय जनता पार्टी शरणार्थी सेल की ओर से विलय दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस कार्यक्रम में राज्य चुनाव प्रचार अभियान कमेटी के सचिव सत शर्मा, महासचिव संगठन अशोक कौल, उपप्रधान विबोध गुप्ता भी मौजूद रहे। सत शर्मा ने इस अवसर पर कहा कि 1947 से जो भी सरकारें केंद्र और रियासत में रही है उन्होंने शरणार्थियों के मसले का हल नहीं किया। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में सरकार ने रिफ्यूजियों के मसले का हल करने का बीड़ा उठाया है। इस अवसर पर अशोक कुमार खजूरिया भी मौजूद रहे।

महाराजा हरि सिंह विचार मंच सैनिक कालोनी जम्मू की ओर से भी रविवार को विलय दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने महाराजा हरि सिंह के भारत के साथ जम्मू-कश्मीर को विलय करवाने पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराजा ने रियासत की आनबान को कायम रखने के लिए विलय कराया और जेएंडके भारत का अटूट अंग है। समारोह में बीएस जंबाल, संजीव मनमोत्रा, शाम लाल भगत, कालीदास आदि मौजूद रहे।
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