जम्मू। कोरोना के मद्देनजर इस बार नवरात्र में रामलीला के आयोजन की संभावनाएं कम हैं। मंचन करने वाली संस्थाओं ने अभी तक रिहर्सल ही शुरू नहीं की है। वहीं दशहरे के लिए पुतले बनाने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है।
पंजतीर्थी के दीवान मंदिर और बिल्लू मंदिर में रामलीला का मंचन किया जाता है। यहां नवरात्र शुरू होने से एक महीने पहले ही रिहर्सल शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार सन्नाटा छाया हुआ है। सनातन धर्म नाटक समाज दीवान मंदिर के निदेशक सतपाल ने कहा कि इस बार आयोजन को लेकर संशय है। ऑनलाइन प्रसारण की योजना पर विचार है लेकिन इसकी संभावना भी कम है।
प्रशासन फैसला नहीं ले पा रहा
श्री लक्ष्मी नारायण नारायण मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष गुलचैन सिंह चाढ़क ने कहा कि हमने कई बार उपायुक्त से दशहरे की अनुमति को लेकर बात करने की कोशिश की लेकिन वह हर बार बैठक करने का आश्वासन देती हैं। नवरात्र को बहुत ही कम दिन बचे हैं, प्रशासन कोई फैसला ही नहीं ले पा रहा है।
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पुतले बनाने वाले कारीगर भी नहीं पहुंचे
दशहरे पर रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले बनाने वाले कारीगर भी इस बार जम्मू नहीं आए हैं। मेरठ के कारीगर मोहम्मद रिहान की टीम गीता भवन में पुतले बनाने का काम करती थी। रिहान ने कहा कि इस बार हमें नहीं बुलाया गया है। आयोजकों का कहना कि प्रशासन से दशहरे की अनुमति नहीं मिली है।