बिलावर। श्री नरसिंह गोशाला मांडली में श्री राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के तीसरे दिन मंगलवार को कथावाचक स्वामी विज्ञानानंद सरस्वती ने भगवान श्री राम की बाल लीलाओं का वर्णन किया।
कथावाचक में कहा कि भगवान श्री राम का जन्म बहुत आसानी से नहीं हुआ। निश्चित समय आने पर महाराज दशरथ ने पुत्र प्राप्ति के लिए महायज्ञ का आयोजन किया, जिसके बाद उन्हें चार पुत्रों की प्राप्ति हुई।
भगवान श्री राम के जन्म पर अयोध्या नगरी के लोग खुशी से झूम उठे। कथावाचक में कहा कि भगवान श्री राम की कथा सुनने मात्र से ही कई गुना पुण्य का फल मिलता है।
इसी कारण श्री राम कथा सुनने के लिए बच्चे, बुजुर्ग और माताएं, बहनें भी आतीं हैं। राम कथा की ध्वनि जिस किसी के कानों तक जाती है उसको समस्त संसार की खुशियों की अनुभूति होती है।
इस दौरान कथा पंडाल जय श्री राम के जयघोष से गूंज उठा। आयोजकों ने बताया के सात दिवसीय श्री राम कथा का समापन सात जून को होगा। कथा सुनने के लिए आसपास के इलाकों से सैकड़ों भक्त पंडाल में पहुंचे और कथा सुनी।