भारी बारिश के चलते चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ने से रामबन जिला प्रशासन हाई अलर्ट पर है। जिला प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से मना किया है। प्रशासन ने कहा है कि मौसम विभाग ने दो दिन बारिश होने की संभावना जताई है।
किश्तवार में बादल फटने स सात की मौत, 14 लापता
किश्तवाड़ जिले में लद्दाख से सटे दच्छन और पाडर में तीन जगह बादल फटने से भारी तबाही हुई है। बुधवार तड़के 4.30 बजे बादल फटने से दच्छन क्षेत्र के होंजड़ गांव के करीब 38 लोग मलबे में दब गए या बह गए। इनमें से सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 14 अभी तक लापता हैं। 17 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। इनमें पांच की हालत गंभीर है। आसमान से आई इस आफत में 21 मकान ध्वस्त हो गए हैं, जबकि पांच पुल और दो होटल बह गए हैं। करीब दो दर्जन पशुशालाएं भी क्षतिग्रस्त होने के साथ फसलें और जमीन भी बह गई है। पुलिस, सेना और एसडीआरएफ रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। पंजाब से एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई है। बादल फटने की घटनाओं के बाद चिनाब नदी का जलस्तर बढ़ गया। निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
छह मृतकों के नाम
सजा बेगम निवासी होंजड़ दच्छन, रकीला बेगम (खानाबदोश), गुलाम नबी निवासी होंजड़ दच्छन, अब्दुल मजीद निवासी होंजड़ दच्छन, जैतूना बेगम (खानाबदोश), तौसीफ इकबाल निवासी होंजड़ दच्छन
पीएम और शाह ने एलजी से की बात
किश्तवाड़ में बादल फटने से हुई तबाही को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार पीएम स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उपराज्यपाल प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली है। पीएमओ में मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और उप राज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूरा अमला हर संभव प्रयासों से राहत कार्य में जुटा है।
रेस्क्यू कार्य में मौसम बना बाधा
खराब मौसम रेस्क्यू कार्य में भी खलल डाल रहा है। रेस्क्यू दल घंटों एयरपोर्ट पर ही फंसे रहे। प्रभावित क्षेत्र से सड़क संपर्क काफी दूर है, जहां तक पहुंचने के लिए तीन घंटे का पैदल सफर है। खराब मौसम से रेस्क्यू दल समय से एयरलिफ्ट भी नहीं किए जा सके।