भाजपा के महासचिव राम माधव ने कहा है कि कश्मीर की मिट्टी के किसी भी बंद को शांति, सुरक्षा और सम्मान के साथ यहां लाकर बसाना है। यहां आतंकवाद को जिंदा रखने के पीछे राजनीतिक दल भी जिम्मेदार हैं। यहां भ्रष्टाचार बड़ी समस्या बन गया है जिसे हटाने का जिम्मा मोदी सरकार ने उठाया है। वह वीरवार को शहर के बाहरी क्षेत्र बालहामा में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
राम माधव ने कहा कि बहुत अच्छी संख्या में कश्मीरी पंडित इस इलाके में एक साथ रह रहे हैं। हमारा प्रयास है कि पूरे कश्मीर के अंदर स्थिति 1990 से पहले जैसी हो। आज कश्मीरी पंडित जम्मू व दिल्ली में विस्थापित होकर अपने ही देश में शरणार्थी बन गए हैं। यह स्थिति बहुत देर तक नहीं चलेगी।
राम माधव ने कहा कि अगर मैं कश्मीर में सुरक्षा की बात करता हूं तो वो केवल पंडितों तक ही सीमित नहीं है बल्कि कश्मीर में जो पिछले कई दशकों से आतंकवाद और हिंसा का माहौल है इससे आम कश्मीरी भी प्रभावित होता है। कश्मीर में अमन और शांति की ज़रूरत है, आतंकवाद का खात्मा होना चाहिए। पर इस सबके पीछे जो मूल कारण है उसे ठीक करना होगा।
आतंकवाद के दो पुख्ता कारण
भाजपा नेता ने कहा, हथियार उठाए आतंकी के साथ तो सुरक्षाबलों को लड़ना ही पड़ता है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। क्योंकि यहां जो आतंकी बना है उसके पीछे दो कारण हैं। पहला पाकिस्तान और दूसरा यहां के राजनीतिक लोग। जिनकी सियासत के कारण यहां आतंकवाद पनपा। ये दल प्रत्यक्ष रूप से आतंकवाद को पनपने देते हैं नहीं तो कभी तो सीधे उसके समर्थन में खड़े हो जाते हैं।
हुर्रियत जैसी पार्टियां आतंक की पोषक
राम माधव ने राजनीतिक दलों, गैर राजनीतिक दलों, हुर्रियत कांफ्रेस, जमात-ए-इस्लामी आदि पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवादियों को ज़िंदा रखने के लिए पैसा देने वाले और आतंक की विचारधारा का समर्थन करने वाले जो भी लोग जब तक उन्हें सीधा नहीं किया जाता तब तक शांति बहाल करना संभव नहीं। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने बच्चों को विदेशों में पढ़ाते हैं और यहाँ के युवाओं को आतंकवाद का रास्ता दिखा कर उसमें धकेलते हैं उन सबको ठीक करने का काम सरकार ने लिया है। कश्मीर में हर साल केंद्र की ओर से हजारों करोड़ रुपये आते हैं पह लोगों तक नहीं पहुंचते । यहां शासन करने वाले कुछ परिवार उन्हें खा जाते हैं।
स्थानीय लोग विकास चाहते हैं
राम माधव ने कहा कि यहां के लोग पढ़ाई चाहते हैं, विकास चाहते हैं और सबसे बड़ी बात रोजगार चाहते हैं। यहां के नेता 370 की बात करते रहते हैं और कहते हैं कि यह हमारा बचाव है। लेकिन उनसे फिर यह पूछा जाना चाहिए कि पिछले 60 वर्षों से यहां कौन सी बड़ी इंडस्ट्री स्थापित हुई है। माधव ने कहा कि वो लोग नहीं चाहते कि आपको नौकरी मिले। राम माधव वहां इलाके में स्थित बाला देवी मंदिर भी गए।