भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री (संगठन) राम माधव ने पार्टी विधायकों से सरकार तथा मंत्रियों के कामकाज का फीडबैक लिया। ज्यादातर विधायकों ने मंत्रियों के खिलाफ भड़ास निकाली।
सरकार में होने के बाद भी उनके काम को मंत्रियों की ओर से तवज्जो न दिए जाने का दुखड़ा सुनाया। दो दिवसीय दौरे पर आए राम माधव बुधवार को कोर कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। सरकार में गठबंधन सहयोगी भाजपा और पीडीपी के बीच बेहतर समन्वय के लिए कुछ पीडीपी नेताओं से भी मुलाकात संभव है।
दोपहर बाद जम्मू पहुंचे राम माधव ने सबसे पहले पार्टी के त्रिकुटा नगर स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक ली। शाम को कनाल रोड स्थित गेस्ट हाउस में उन्होंने विधायकों से फीडबैक ली।
'सरकार में विधायकों की नहीं हो रही सुनवाई'
ram madhav
- फोटो : File Photo
सूत्रों का कहना है कि लगभग सभी विधायकों ने मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि सरकार में होने के बाद भी उनकी बात नहीं सुनी जाती है। कई बार चक्कर काटने के बाद भी जनहित से जुड़े मुद्दे को तवज्जो नहीं दी जाती है।
विधायकों का यह भी कहना था कि गठबंधन पार्टनर पीडीपी के मंत्री अपने विधायकों तथा कार्यकर्ताओं का पूरा ध्यान रख रहे हैं। न केवल कश्मीर बल्कि जम्मू में भी पीडीपी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं के काम आसानी से हो रहे हैं। काम न होने की वजह से क्षेत्र में पार्टी के खिलाफ लोगों में आक्रोश पनप रहा है। कुछ मंत्रियों की यह भी शिकायत रही कि ज्यादातर मंत्री अपने ही विधानसभा क्षेत्र तक सीमित होकर रह गए हैं। उन्हें दूसरे क्षेत्रों से कोई सरोकार नहीं है।
विधायक रवींद्र रैणा, डा. देवेंद्र मनयाल तथा दिलीप परिहार उपस्थित नहीं हो सके थे। विधायकों से अलग-अलग मिलने के बाद उन्होंने विधान परिषद सदस्यों के साथ भी बैठक कर सरकार के कामकाज के संबंध में जानकारी हासिल की। आठ में से तीन एमएलसी उपस्थित नहीं हो सके थे।
विधायकों से फीडबैक लेने के बाद राम माधव ने मंत्रियों से उनका रिपोर्ट कार्ड लिया। उन्होंने सभी को बेहतर प्रदर्शन करने की हिदायत दी। कुछ मंत्रियों को प्रदर्शन में सुधार लाने को कहा। साथ ही उन्होंने मंत्रियों को विधायकों, पार्टी पदाधिकारियों तथा कार्यकर्ताओं की बातें सुनने तथा जनता से जुड़े सवालों को हल करने को कहा। यह हिदायत दी कि सत्ता में आने के बाद यह न भूल जाएं कि जनता की सेवा सबसे पहले करनी है।